इस मसीहे में बचाई आग में फसे लोगो की जान ,जाने कैसे

इस मसीहे में बचाई आग में फसे लोगो की जान ,जाने कैसे

दिल्ली के रानी झांसी रोड़ स्थित गैरकानूनी फैक्ट्रियों में लगी भीषण आग ने अब तक 43 लोगों की जान ले ली है. वहीं 50 से ज्यादा लोग घायल हैं. इस भयावक अग्निकांड ने दिल्ली समेत सारे देश को हिला दिया है. फायर ब्रिगेड की टीम ने अभी तक 54 लोगों को रेस्क्यू कर बचाया है. राहत व बचाव कार्य अभी भी जारी है. इस बीच फायर ब्रिगेड का एक कर्मचारी आग में फंसे लोगों के लिए मसीहा बनकर सामने आया.

-इमारत में बनी फैक्ट्री का मुख्य दरवाजा बंद था, एक ही गांव के 30 लोग एकसाथ सो रहे थे

राजेश शुक्ला नाम के इस दमकलकर्मी ने अकेले लगभग 11 लोगों की जान बचाई. सकरी गलियां होने की वजह से एंबुलेंस गली में अंदर नहीं आ पा रही थी. रेस्क्यू के लिए टैंपों लगाई गई थी. राजेश शुक्ला ने अपने कंधे पर लादकर कई घायलों को टैंपों तक पहुंचाया.

फरिस्ता बनकर आए दमकलकर्मी

भयानक आग में फंसे लोगों के लिए दमकलकर्मी किसी फरिस्ते से कम नहीं थे. जैसे ही आग की समाचार फायर ब्रिगेड को लगी बिना देरी किए दमकल की कई गाड़िया घटना स्थल पर पहुंच गई.दमकल कर्मचारियों ने एक-एक कर लोगों को वहां से निकाला. वैसे अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

बता दें कि ये रेस्क्यू ऑपरेशन दिल्ली का अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन है. इस घटना में ज्यादातर लोगों की मृत्यु दम घूटने की वजह से हुई है. डॉक्टरों के मुताबिक कुछ लोगों को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया. लेकिन बाद में उपचार के दौरान वे मृत पाए गए.

वहीं, कुछ ऐसे भी लोग हैं जिनकी हलत बहुत ज्यादा गंभीर है. उन्हें बचाने की प्रयास जारी है. जानकारी के मुताबिक घायलों में कई 50 प्रतिशत से ज्यादा जल गए हैं. इन घायलों को दिल्ली के अलग -अलग 5 अस्पतालों में इसाज के लिए दाखिल कराया गया है.

बढ़ सकता है मृत्यु का आंकड़ा

दिल्ली पुलिस के मुताबिक घटना स्थल पर अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. अभी तक 43 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो चुकी है. मृत्यु के ये आंकड़े व भी बढ़ सकते हैं. अभी तक रेस्क्यू कर 54 से ज्यादा लोगों को निकाला जा चुका है.

कैसे लगी आग

आग की वजह शार्ट सर्किट बताई जा रही है. दरअसल, आग पहले अन्न मंडी में लगी थी. उसके बाद देखते ही देखते तीसरी मंजिल पर चल रही पैकेजिंग फैक्ट्री में लग गई. जहां आग लगी वहां दो घरों की सीढ़ी एक थी इसलिए अफरा-तफरी मच गई व लोग सुरक्षित नहीं निकल पाए.