अवॉर्ड सेरेमनी में एक्ट्रेस ने स्‍टेज पर कपड़े उतार कर की सरकार से ये अपील

अवॉर्ड सेरेमनी में एक्ट्रेस ने स्‍टेज पर कपड़े उतार कर की सरकार से ये अपील

फ्रेंच ऑस्कर सेरेमनी में शुक्रवार को कुछ ऐसा हुआ कि अफरा तफरी मच गई। ये सब तब हुआ जब हॉलीवुड एक्ट्रेस कोरिन मासेरियो ने विरोध किया। उन्होंने विराध करते हुए अपने कपड़े उतार दिए। 57 साल की एक्ट्रेस जब स्टेज पर पहुंची तो उन्होंने गधे की तरह दिखने वाला कॉस्ट्यूम पहना हुआ था, जिस पर खून के धब्बे लगे हुए थे। इसके बाद उन्होंने जो किया उससे हर कोई हैरान रह गया।

एक्ट्रेस स्टेज पर भी एक दम अतरंगी स्टाइल में पहुंची थीं लेकिन इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, उन्होंने विरोध प्रदर्शन में स्टेज पर ही अपने कपड़े उतार दिए और नेकेड हो गईं।

आपको बता दें कि पिछले तीन महीने से लगातार फ्रांस में सिनेमाघर बंद हैं।ऐसे में फ्रेंच एक्ट्रेस कोरिन का कहना है कि सरकार को कोरोनो वायरस महामारी के इस दौर में संस्कृति और कला से जुड़े लोगों को सपोर्ट करना चाहिए। कोरिन मासेरियो को स्टेज पर बेस्ट कॉस्ट्यूम अवॉर्ड प्रजेंट करने के लिए बुलाया गया, लेकिन उन्होंने स्टेज पर सबके सामने कपड़े उतारकर सभी को चौंका दिया।

एक्ट्रेस ने कपड़े उतारे और वह स्टेज पर नेकेड खड़ी थीं। जबकि उन्होंने अपने शरीर पर मेसेज भी लिखा था। उनके शरीर पर लिखा था- नो कल्चर, नो फ्यूचर। यानी कल्चर नहीं, तो भविष्य नहीं। इतना ही नहीं हॉलीवुड स्टार ने फ्रांस के पीएम जीन कैस्टेक्स से अपील भी की। उन्होंने अपनी पीठ पर भी एक मेसेज लिखा था, जिसमें लिखा था कि हमें हमारा कल्चर वापस दें, जीन, जिसका वैकल्पिक अर्थ यह है कि ‘हमें हमारे पैसे कमाने का जरिया वापस दे दो।

इस सेरेमनी में अल्बर्ट डुपोंटेल की डार्क कॉमेडी फिल्म ‘Adieu Les Cons’ को बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड मिला है। यह फिल्म एक बीमार महिला की कहानी है, जो अपने बच्चे को ढूंढ़ रही है। इस फिल्म ने सेरेमनी में 7 अवॉर्ड जीते हैं, जिसमें बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड भी शामिल है।


यहां प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए शुरू की जाएगी पालकी सेवा, वजह जानकर होंगे हैरान

यहां प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए शुरू की जाएगी पालकी सेवा, वजह जानकर होंगे हैरान

आज भी विकास के इस युग में कई जगह ऐसी है जहां सड़क और वाहन की सुविधा नहीं है। गर्भावस्था के दौरान भी निकटतम अस्पताल तक पहुंचने के लिए महिलाओं को मीलों पैदल चलना पड़ता है। लेकिन अब महिलाओं की इस दुविधा को देखते हुए नैनीताल जिला प्रशासन ने महिलाओं को अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए पालकी सेवा शुरू की है। 

शुरू की जाएगी पालकी सेवा

जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल ने गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए निकटतम रोड हेड या अस्पताल लाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 500 'डोलिस' या पालकी की व्यवस्था करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को हाल ही में दस लाख रुपये जारी किए।


यहां चलेगी पहली पालकी 

नैनीताल उत्तराखंड का पहला जिला बन गया है, जहां ग्रामीण महिलाओं की दुर्दशा को दूर करने के लिए ऐसा कदम उठाया गया है। कुछ पैसे हमेशा अस्पताल में रखे जाएंगे और 2,000 रुपये किसी भी व्यक्ति को दिए जाएंगे जो गर्भवती महिला को पालकी में रखकर अस्पताल लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।