UP Police Constable Recruitment 2021: भर्ती प्रक्रिया के नियमों में बदलाव की ख़बरें

UP Police Constable Recruitment 2021: भर्ती प्रक्रिया के नियमों में बदलाव की ख़बरें

उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग में महिला/पुरुष कॉन्स्टेबल के 25,000 पदों पर भर्ती निकाले जाने की तैयारी चल रही है. यूपीपीबीपीबी द्वारा इसका खाका भी खींचा जा चुका है. इन दिनों उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड के जरिए इस भर्ती प्रक्रिया के नियमों में कई तरह के बदलाव किए जाने की खबरें भी सामने आ रही हैं.

हालांकि अभी इन बातों की पूरी तरह से पुष्टि नहीं हो पाई है इसीलिए सिपाही भर्ती की चयन प्रक्रिया पूर्व में समापन हुई आरक्षी भर्ती की नियमावली पर ही आधारित मानी जाएगी. मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, इस भर्ती का ब्लू प्रिन्ट प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है. प्रदेश सरकार की ओर से स्वीकृति मिलते ही इस भर्ती की आवेदन प्रक्रिया शुरु की जा सकती है. अनुमान लगाया जा रहा है कि दिसंबर माह के अंत तक इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा. ऐसे में इन पदों पर आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों को समय-समय पर यूपीपीआरपीबी की वेबसाइट पर विज़िट करते रहना चाहिए. साथ ही यदि अभ्यर्थी  सरकारी जॉब के लिए किसी प्रतियोगी इम्तिहान की तैयारी कर रहे हैं तो वो करेंट अफेयर्स की कंप्लीट तैयारी के लिए सफलता डॉट कॉम के जरिए चलाए जा रहे की सहायता ले सकते हैं.       
क्या होती है आरक्षी भर्ती की चयन प्रक्रिया    
 यूपीपीआरपीबी के जरिए अब तक समापन कराई जा चुकी सिपाही भर्ती के आधार पर यह बोला जा सकता है कि इस भर्ती में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को चार चरणों से होकर गुजरना पड़ता है. इसमें सबसे पहले उम्मीदवारों को लिखित इम्तिहान देनी होती है. इसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा, शारीरिक मापदंड, और मेडिकल परीक्षण को पार करना होगा. इन सभी चरणों में पास होने वाले उम्मीदवारों की आखिरी योग्यता सूची तैयार की जाती है. 
न्यूनतम योग्यता 
यूपी पुलिस में कॉन्स्टेबल बनने के लिए उम्मीदवारों को कम से कम बारहवीं पास होने जरूरी होता है. 12वीं में मैथ्स, आर्ट्स, साइंस सभी स्ट्रीम से पढ़ाई करने वाले कैंडिडेट्स को समान वरीयता दी जाती है. कई प्रतियोगी उम्मीदवारों का मानना है कि जल्द ही 25,000 पदों पर निकाली जाने वाली इस कॉन्स्टेबल भर्ती में आवेदन करने के लिए न्यूनतम योग्यता को कम किया जा रहा है. हालांकि इस विषय में अभी तक कोई की ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में उम्मीदवारों को भर्ती के नोटिफिकेशन जारी किए जाने तक इन्तजार करना होगा.  

सिपाही भर्ती की कितनी होती है आयुसीमा
उत्तर प्रदेश में आरक्षी के पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को न्यूनतम आयु 18 साल होनी चाहिए. इसके अतिरिक्त कॉन्स्टेबल पदों पर केवल 22 साल की अधिकतम आयुसीमा वाले अभ्यर्थियों को ही शामिल होने का मौका दिया जाता है. पुलिस विभाग में बहुत ज्यादा लंबे समय से आरक्षी के पदों पर भर्ती नहीं निकाली गई है. ऐसे में उम्मीदवारों द्वारा यह आशा लगाई जा रही है कि आनें वाले भर्ती में आयुसीमा में बढ़ोत्तरी की जा सकती है. हालांकि इस बारे में अभी तक ऐसी कोई भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. इसलिए कैंडिडेट्स को कॉन्स्टेबल भर्ती के लिए जरिए किए जाने वाले नोटिफिकेशन का इन्तजार करना होगा. 
कॉन्स्टेबल को मिलने वाला मासिक वेतन और अन्य भत्ते
यूपी पुलिस में कांस्टेबल पदों पर आखिरी रूप से चयनित होने वाले अभ्यर्थी को लगभग 30 हज़ार से 40 हज़ार रुपये प्रतिमाह का अनुमानित मासिक वेतन प्राप्त होता है. जिसमें 7वें पे-कमीशन के मुताबिक अन्य भत्ते जैसे यात्रा किराया भत्ता, मकान किराया भत्ता, मेडिकल सुविधा आदि जैसी सुविधाएं शामिल हैं. जो इसे एक बहुत सुन्दर सरकारी जॉब बनाते हैं.
किस तरह से होती है वेतन में वृद्धि 
यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल के पदों पर निकाली जाने वाली भर्ती में चयनित होने वाले उम्मीदवारों की लगभग 2 सालों की ट्रेनिंग कराई जाती है. प्रशिक्षण के दौरान कैंडिडेट्स को 21,700 रुपये का पारिश्रमिक दिया जाता है. ट्रेनिंग खत्म होने के बाद उम्मीदवारों को करीब 6 माह तक अंडर ट्रेनिंग में रखा जाता है लेकिन इस समयसीमा में उन्हें तैनाती दे दी जाती है. छ: माह का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अभ्यर्थी को मकान किराया भत्ता, यात्रा भत्ता और अन्य सुविधाओं का फायदा दे दिया जाता है. 
कैसे करें सरकारी जॉब के एग्जाम की पक्की तैयारी  
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बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक दर्दनाक घटना हुई। सिखेड़ा थाना क्षेत्र में निराना के जंगल में नाला के पास पुराने टायरों से तेल निकालने के चलाए जा रहे प्लांट में बॉयलर फटने से झुलसे दो मजदूरों की अस्पताल में मौत हो गई।

वहीं पुलिस प्रकरण की जांच के बजाए मजदूरों और फैक्टरी संचालक के बीच हुए समझौता का कागज लिए बैठी रही। मृतक पुरबालियान गांव के रहने वाले थे। पुलिस के रवैये से ग्रामीणों के बीच नाराजगी है। 

निराना के जंगल में गंदे नाले के पास काफी समय से पुराने टायरों से तेल निकालने का प्लांट चलाया जा रहा है। मंसूरपुर के गांव पुरबालियान निवासी 28 वर्षीय प्रदीप पुत्र महेंद्र व 24 वर्षीय मोनू पुत्र मांगा अन्य मजदूरों के साथ प्लांट में काम कर रहे थे। प्रदीप व मोनू शुक्रवार को बॉयलर के बोल्ट खोल रहे थे, इसी बीच बायलर में जोरदार धमाका हुआ और दोनों मजदूर बायलर से निकले मलबे की चपेट में आ गए। इससे दोनों की छाती का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। इस दौरान अन्य सभी मजदूर मौके पर पहुंचे। 

इसके बाद उन्होंने प्लांट मालिक को सूचना दी। मालिक ने मौके पर पहुंच कर मजदूरों की मदद से झुलसे मजदूरों को गंगदासपुर प्राइवेट डॉक्टर के यहां पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने दोनों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। 

दोनों को मेरठ सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां मंगलवार को मोनू व बुधवार को प्रदीप की मौत हो गई। दोनों मजदूरों की मौत से परिजनों में रोष है। बताया गया कि गुरुवार को गणमान्य लोगों ने प्लांट मालिक से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिलाकर पीड़ित परिजनों से समझौता करा दिया। उधर, मजदूरों में हादसे के बाद से दहशत है।

पुलिस ने साधी थी चुप्पी
बताया गया कि हादसे की सूचना पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन पुलिस ने चुप्पी साध ली थी। गुरुवार को थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस को इस बारे में थाना पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। डायल 112 को सूचना दी थी।

प्रदूषण विभाग भी चुप
इस हादसे को लेकर प्रदूषण विभाग भी चुप है। जबकि यह प्लांट क्षेत्र में प्रदूषण फैला रहा है।