दस बिंदुओं में जानिए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध मौत में कल से आज तक का घटनाक्रम

दस बिंदुओं में जानिए अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध मौत में कल से आज तक का घटनाक्रम

कुंभ नगरी प्रयागराज में सोमवार को दिन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष तथा निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध मौत से सभी स्तब्ध हैं। प्रयागराज के श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में महंत के कक्ष में उनका शव मिलने के बाद से सनसनी फैल गई।

पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती तथा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया। महंत नरेन्द्र गिरि की स्तब्ध करने वाली इस मौत से संत समाज आक्रोशित है। इसी बीच प्रयागराज में एक अधिवक्ता ने महंत की मौत की सीबीआइ से जांच कराने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। महंत के कक्ष से मिले सात पेज के सुसाइड नोट में शिष्य आनंद गिरि का नाम आने के बाद प्रयागराज में उनके खिलाफ महंत को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम ने आनंद गिरि को सहारनपुर से हिरासत में लिया है। सहारनपुर पुलिस आनंद गिरि को प्रयागराज ला रही है। जहां पर पुलिस उनसे पूछताछ करेगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में बाघम्बरी मठ में जाकर महंत नरेन्द्र गिरि को नमन करने के साथ ही इस मामले का सच शीघ्र ही सबके सामने लाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि महंत नरेन्द्र गिरि की मौत संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।

1- प्रयागराज में सीएम योगी आदित्यनाथ बोले-सामने लाया जाएगा संदिग्ध मौत का सच

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष तथा निरंजनी अखाड़े के सचिव महंत नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध मौत से सभी स्तब्ध हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रयागराज में महंत नरेन्द्र गिरि की पार्थिव देह का अंतिम दर्शन करने के साथ ही उनको अपनी श्रद्धांजलि भी दी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनकी पार्थिव देह का अंतिम दर्शन करने के साथ वहां पर शोकाकुल महंतों तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के सदस्यों को सच सामने लाने का भी भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महंत नरेन्द्र गिरि जी की मृत्यु के मामले में बहुत साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं। इसके बाद भी प्रदेश पुलिस कई वरिष्ठ अधिकारी अभी भी कुछ सच सामने लाने में जुट हुए हैं। उन्होंने कहा कि महंत जी की मौत के मामले में सच को सामने लाया जाएगा।

2- सीबीआइ से जांच कराने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल


अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष तथा निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेन्द्र गिरि की सोमवार को संदिग्ध मौत का मामला गहराता जा रहा है। बाघम्बरी गद्दी मठ के उनके कमरे में उनका शव मिलने के मामले की सीबीआइ जांच की मांग की जा रही है। प्रयागराज में महंत नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के मामले में अधिवक्ता सुनील चौधरी ने सीबीआइ जांच की मांग की है। इलाहाबाद हाई कोर्ट में उन्होंने एक याचिकादाखिल कर पूरे मामले की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की है। उनकी याचिका में कहा गया है कि इस मामले में यह बात सामने आ रही है कि कोई उच्च पुलिस अधिकारी भी इस प्रकरण में शामिल हैं, ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है।

3- सहारनपुर पुलिस की हिरासत में शिष्य आनंद गिरि

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और देश के बड़े निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेन्द्र गिरि की प्रयागराज में सोमवार को संदिग्ध मौत मामले में उनका परम शिष्य आनंद गिरि पुलिस की रडार पर है। सहारनपुर की एसओजी टीम के साथ सीओ देवबन्द रजनीश उपाधयाय ने हरिद्वार से आनंद गिरि हिरासत में ले लिया है। टीम आनंद गिरी को लेकर प्रयागराज रवाना हो गयी है। हरिद्वार की एसपी सिटी कमलेश उपाधयाय ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम देर रात करीब 10 बजे हरिद्वार पहुंची थी। हरिद्वार पुलिस ने आनंद गिरि को पहले ही आश्रम के नजरबंद करके रखा हुआ था। इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम ने डेढ़ घंटे की पूछताछ के बाद आनंद गिरि को हिरासत में लिया है। उत्तर प्रदेश से सहारनपुर पुलिस और एसओजी की टीम हरिद्वार पहुंची थी। यही टीम अपने साथ ले गई।

4- मोबाइल में मिला मौत से पहले का वीडियो, होगी फोरेंसिक जांच

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में अभी तक रहस्य बना हुआ है। करीबी शिष्य आनंद गिरि के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मुकदमा लिखने के बाद प्रयागराज पुलिस छानबीन कर रही है। इस बीच पता चला है कि महंत नरेंद्र गिरि के मोबाइल फोन में उनकी मौत से पहले का एक वीडियो रिकार्ड है। पुलिस का कहना है कि तकरीबन चार मिनट के इस वीडियो में महंत ने अपना दुख और पीड़ा बयां किया है। मोबाइल फोन को पुलिस ने कब्जे में लिया और उसे जांच की खातिर फोरेंसिक टीम के हवाले किया गया है। इसके अलावा महंत के मोबाइल की काल डीटेल भी जुटा ली गई है।

5- जीवन त्यागने की सोच रहे थे महंत, मंगा लिया था जहर भी

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के महंत स्वामी नरेंद्र गिरि की मौत के पीछे आत्महत्या और सुनियोजित कत्ल का रहस्य बना है। बुधवार को पाॢथव शरीर का पोस्टमार्टम होने पर ही मौत का सही कारण सामने आएगा। प्रयागराज पुलिस को मौके पर गेहूं में रखने वाले कीटनाशक की डिब्बी मिली है लेकिन उसे खोला नहीं गया था। एक शिष्य ने बताया कि महंत ने कीटनाशक बाजार से मंगाया था। पुलिस का कहना है कि कमरे में कीटनाशक सल्फास की डिब्बी रखी मिली जिसे खोला नहीं गया था।

6- उप मुख्यमंत्री केशव बोले- सरकार सीबीआइ जांच के लिए तैयार

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि के निधन से गमगीन हैं। श्रीमठ बाघंबरी गद्दी में उन्हेांने मीडिया के समक्ष कहा कि निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वर व अखाड़ा परिषद कहेंगे तो मामले की सीबीआइ जांच कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार सीबीआइ जांच के लिए तैयार है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वह तो दो दिन पहले वह महंत नरेंद्र गिरि से मिले थे, तब महंत नरेन्द्र गिरि नर्वस नहीं थे।

7- बहन उर्मिला के नहीं रुक रहे आंसू, बहनोई ने कहा- नहीं कर सकते आत्महत्या

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि की रहस्यमयी मौत से उनके नात-रिश्तेदार भी गमगीन हैं, वे अवाक हैं। बहन उर्मिला सिंह की ससुराल प्रतापगढ़ जनपद के मान्धाता के पनियारी गांव में है। बहन उर्मिला व बहनोई भागीरथी सिंह आज महंत के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे। बहन ने कहा कि 12 वीं की शिक्षा ग्रहण करने के बाद उनके भाई नरेन्द्र गिरी ने संन्यास ग्रहण कर लिया था। उसके बाद से उनकी भाई नरेंद्र गिरी से मुलाकात नहीं हुई। महंत नरेन्द्र गिरि के बहनोई भागीरथी सिंह ने मीडिया से कहा कि महंत जी दूसरों को ज्ञान देने थे, ऐसे में वह आत्महत्या कैसे कर सकते हैं। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

8- जानिए महंत नरेन्द्र गिरि कहां के मूल निवासी थे और कौन हैं परिवार में

देश भर के साधु संतों के मुखिया महंत नरेन्द्र गिरि दो दशक से सुर्खियों में रहे हैं और सोमवार से उनका नाम फिर चर्चा में है। इस बार वजह बेहद दुखद है। महंत नरेन्द्र गिरि प्रयागराज में ही गंगापार इलाके में सराय ममरेज के छतौना गांव के मूल निवासी थे। उनका असली नाम नरेन्द्र सिंह था। उनके पिता भानु प्रताप सिंह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सदस्य रहे हैं। उन्होंने सराय ममरेज में बाबू सरजू प्रसाद सिंह इंटर कालेज से हाई स्कूल की पढ़ाई की थी। महंत चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। तीन भाई अशोक कुमार सिंह, आनंद सिंह व अरविंद कुमार सिंह हैं। दो भाई शिक्षक हैं जबकि तीसरे भाई होमगार्ड विभाग में हैं। उनकी भयाहू आंगनबाड़ी में कार्यरत हैं। उनकी दो बहन प्रतापगढ़ में ब्याही हैं। संन्यासी जीवन में आने के बाद से उनका गांव आना जाना तो नहीं रहा लेकिन गांव के लोगों से लगाव बना रहा।

9- शिष्य आनंद गिरि से हुए विवाद ने महंत को अंदर से झकझोर डाला

बेबाक, निर्भीक व्यक्तित्व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की पहचान थी। हिंदुत्व के मुद्दे को लगातार धार देते रहे। मतांतरण, तीन तलाक, बकरीद में जीव हत्या का लगातार मुखर विरोध करते रहे। गाय-गंगा की रक्षा, संस्कृत भाषा के संरक्षण को लेकर महंत नरेंद्र गिरि लगातार बयान देते थे, परंतु कुछ महीने पहले शिष्य आनंद गिरि के साथ हुए विवाद ने उन्हें झकझोर कर रख दिया था। प्रतिष्ठा धूमिल हुई थी, इससे यूं तो थोड़ा असहज थे, लेकिन उससे भी बेफिक्र रहते थे। उनका कहना था कि चाहे जो जांच करानी हो करा ली जाय, उन्हें किसी का डर नहीं है। यही कारण है कि उनके आत्महत्या करने की घटना से हर कोई अवाक है, नरेंद्र गिरि को जानने वाले घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। राजस्थान के भीलवाड़ा जिला के आसिन तहसील के अंतर्गत आने वाले ब्राह्मण की सरेरी गांव के निवासी आनंद गिरि महंत नरेंद्र गिरि के करीबी शिष्य थे। महंत नरेंद्र गिरि से 21 अगस्त 2000 को संन्यास लेने के बाद आनंद गिरि उनके संरक्षण में रहने लगे थे।

10- अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत मामले में पूर्व मंत्री से पूछताछ

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार शाम संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शिष्यों ने दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से उतारा। उनका शव पंखे में बंधे भगवा धोती के फंदे से लटका था। पुलिस को वहां आठ पेज का सुसाइड नोट मिला जिसमें आनंद गिरि समेत तीन लोगों से प्रताड़ित होने का जिक्र है। देर रात एडीजी जोन प्रेम प्रकाश और मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा.एसपी सिंह भी डाक्टरों की टीम के साथ पहुंचे। महंत के मौत के मामले में पुलिस सपा सरकार के एक पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस को पता चला है कि पूर्व मंत्री आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आऱोपित आनंद गिरि के करीबी हैं और उन्होंने पिछले दिनों गुरू और शिष्य के बीच विवाद गहराने के बाद उनके बीच सुलह कराई थी।


बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक दर्दनाक घटना हुई। सिखेड़ा थाना क्षेत्र में निराना के जंगल में नाला के पास पुराने टायरों से तेल निकालने के चलाए जा रहे प्लांट में बॉयलर फटने से झुलसे दो मजदूरों की अस्पताल में मौत हो गई।

वहीं पुलिस प्रकरण की जांच के बजाए मजदूरों और फैक्टरी संचालक के बीच हुए समझौता का कागज लिए बैठी रही। मृतक पुरबालियान गांव के रहने वाले थे। पुलिस के रवैये से ग्रामीणों के बीच नाराजगी है। 

निराना के जंगल में गंदे नाले के पास काफी समय से पुराने टायरों से तेल निकालने का प्लांट चलाया जा रहा है। मंसूरपुर के गांव पुरबालियान निवासी 28 वर्षीय प्रदीप पुत्र महेंद्र व 24 वर्षीय मोनू पुत्र मांगा अन्य मजदूरों के साथ प्लांट में काम कर रहे थे। प्रदीप व मोनू शुक्रवार को बॉयलर के बोल्ट खोल रहे थे, इसी बीच बायलर में जोरदार धमाका हुआ और दोनों मजदूर बायलर से निकले मलबे की चपेट में आ गए। इससे दोनों की छाती का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। इस दौरान अन्य सभी मजदूर मौके पर पहुंचे। 

इसके बाद उन्होंने प्लांट मालिक को सूचना दी। मालिक ने मौके पर पहुंच कर मजदूरों की मदद से झुलसे मजदूरों को गंगदासपुर प्राइवेट डॉक्टर के यहां पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने दोनों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। 

दोनों को मेरठ सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां मंगलवार को मोनू व बुधवार को प्रदीप की मौत हो गई। दोनों मजदूरों की मौत से परिजनों में रोष है। बताया गया कि गुरुवार को गणमान्य लोगों ने प्लांट मालिक से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिलाकर पीड़ित परिजनों से समझौता करा दिया। उधर, मजदूरों में हादसे के बाद से दहशत है।

पुलिस ने साधी थी चुप्पी
बताया गया कि हादसे की सूचना पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन पुलिस ने चुप्पी साध ली थी। गुरुवार को थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस को इस बारे में थाना पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। डायल 112 को सूचना दी थी।

प्रदूषण विभाग भी चुप
इस हादसे को लेकर प्रदूषण विभाग भी चुप है। जबकि यह प्लांट क्षेत्र में प्रदूषण फैला रहा है।