गाजीपुर पहुंचे CM योगी, करोड़ों की परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्‍यास

गाजीपुर पहुंचे CM योगी, करोड़ों की परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्‍यास

सीएम योगी के आगमन से पूर्व भारी भीड़ सैदपुर नगर स्थित टाउन नेशनल इंटर कॉलेज में आना शुरू हो गया। मंच पर बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, जमानिया विधायक सुनीता सिंह, पूर्व प्रदेश मंत्री रामतेज पांडेय पहुंचे और आयोजन स्‍थल का जायजा लिया। एमएलसी विशाल उर्फ चंचल सिंह लगातार व्यवस्था की देखरेख में लगे रहे। वहीं सीएम के आगमन से पूर्व सुरक्षा व्यवस्था काफी चाक चौबंद रखी गई। हेलीपैड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। इस दौरान एक-एक व्यक्ति की जांच करने के बाद ही लोगों को कार्यक्रम स्‍थल जाने दिया गया। वहीं सुरक्षा कारणों से समाजवादी पार्टी की तरह का गमछा लिए लोगों की सघन तलाशी ली गई। वहीं काली शर्ट और रुमाल लिए लोगों को सुरक्षा कर्मियों ने बाहर कर दिया।


आयोजन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने टाउन नेशनल इंटर कालेज में आयोजित जनसभा में कुल 198 करोड़ रुपये के योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। रिमोट से ही उन्होंने 470 विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं 555 विभिन्न योजनाओं व विकास कार्यों का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा किया कि गाजीपुर का मेडिकल कालेज यहीं के महर्षि विश्वामित्र के नाम पर ही होगा। योगी इस दौरान जमकर गरजे। बगैर नाम लिए उन्होंने मुख्तार पर निशाना साधा, कहा कि पूर्व की सरकारों में गुंडों ने लोगों की जमीन पर कब्जा किया था और लोगों का दबाकर रखा था। गाजीपुर, आजमगढ़ व मऊ से गुंडों की पहचान होती थी। यहां के लोगों को होटल व धर्मशाला में कमरा नहीं मिलता था लेकिन साढ़े चार वर्षों में प्रदेश की सरकार ने इन गुंडों के हौसलों को पस्त कर दिया है। अवैध निर्माण पर बुल्डोजर चलाए गए। सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसी करनी वैसी भरनी की तर्ज पर भाजपा सरकार ने कार्य किया।

सीएम ने कहा कि प्रदेश की सरकार ने हर वर्ग के हित को ध्यान में रखकर कार्य किया है। सैदपुर में भी भाजपा का विधायक हाेता तो यहां भी विकास की गंगा बहती। उन्होंने फोरलेन व पूर्वांचल एक्सप्रेस के कार्यों की चर्चा की। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस मजबूती से कार्य किया है उसका कोई सानी नहीं है। बगैर रुके, डिगे और थके पीएम कार्य कर रहे हैं। उसी की देन है कि आज हमारे देश से आतंकवाद खत्म होने के कगार पर है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने भी प्रदेश व केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाई। कहा कि मुख्‍यमंत्री ने भयमुक्त प्रदेश की स्थापना की है। आज रात को 12 बजे भी हमारी बेटी को कोई छू नहीं सकता है।


बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक दर्दनाक घटना हुई। सिखेड़ा थाना क्षेत्र में निराना के जंगल में नाला के पास पुराने टायरों से तेल निकालने के चलाए जा रहे प्लांट में बॉयलर फटने से झुलसे दो मजदूरों की अस्पताल में मौत हो गई।

वहीं पुलिस प्रकरण की जांच के बजाए मजदूरों और फैक्टरी संचालक के बीच हुए समझौता का कागज लिए बैठी रही। मृतक पुरबालियान गांव के रहने वाले थे। पुलिस के रवैये से ग्रामीणों के बीच नाराजगी है। 

निराना के जंगल में गंदे नाले के पास काफी समय से पुराने टायरों से तेल निकालने का प्लांट चलाया जा रहा है। मंसूरपुर के गांव पुरबालियान निवासी 28 वर्षीय प्रदीप पुत्र महेंद्र व 24 वर्षीय मोनू पुत्र मांगा अन्य मजदूरों के साथ प्लांट में काम कर रहे थे। प्रदीप व मोनू शुक्रवार को बॉयलर के बोल्ट खोल रहे थे, इसी बीच बायलर में जोरदार धमाका हुआ और दोनों मजदूर बायलर से निकले मलबे की चपेट में आ गए। इससे दोनों की छाती का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। इस दौरान अन्य सभी मजदूर मौके पर पहुंचे। 

इसके बाद उन्होंने प्लांट मालिक को सूचना दी। मालिक ने मौके पर पहुंच कर मजदूरों की मदद से झुलसे मजदूरों को गंगदासपुर प्राइवेट डॉक्टर के यहां पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने दोनों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। 

दोनों को मेरठ सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां मंगलवार को मोनू व बुधवार को प्रदीप की मौत हो गई। दोनों मजदूरों की मौत से परिजनों में रोष है। बताया गया कि गुरुवार को गणमान्य लोगों ने प्लांट मालिक से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिलाकर पीड़ित परिजनों से समझौता करा दिया। उधर, मजदूरों में हादसे के बाद से दहशत है।

पुलिस ने साधी थी चुप्पी
बताया गया कि हादसे की सूचना पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन पुलिस ने चुप्पी साध ली थी। गुरुवार को थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस को इस बारे में थाना पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। डायल 112 को सूचना दी थी।

प्रदूषण विभाग भी चुप
इस हादसे को लेकर प्रदूषण विभाग भी चुप है। जबकि यह प्लांट क्षेत्र में प्रदूषण फैला रहा है।