प्रियंका गोस्वामी केसिल्वर मेडल जीतने पर घर पर जश्न का माहौल

प्रियंका गोस्वामी केसिल्वर मेडल जीतने पर घर पर जश्न का माहौल

मुजफ्फरनगर के गांव गढमलपुर सांगड़ी की बेटी प्रियंका गोस्वामी के बर्मिंघम कामनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने पर परिवार में उत्सव का माहोल है. परिवार के लोगों को जैसे ही 10 किमी रेस वाक में प्रियंका के सिल्वर मेडल जीतने की जानकारी मिली तो सभी खुशी से उछल पड़े.

गांव गढमलपुर सांगड़ी में टीवी पर प्रियंका का प्रदर्शन देखते परिवार के लोग<span class='red'>.</span>

गांव गढमलपुर सांगड़ी में टीवी पर प्रियंका का प्रदर्शन देखते परिवार के लोग.

गांव गढमलपुर सहित मेरठ स्थित प्रियंका के आवास पर जबरदस्त उत्सव मनाया गया. प्रियंका के पिता मदनपाल गिरी ने बोला कि प्रियंका के सिल्वर मेडल जीतने से राष्ट्र का गौरव बढ़ा. देशवासियों की दुआ के बिना यह उपलब्धि संभव भी नहीं थी.

प्रियंका के सिल्वर मेडल जीतने पर पिता मदनपाल गिरी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मेरठ स्थित आवास पर<span class='red'>.</span> प्रियंका गोस्वामी<span class='red'>.</span>

प्रियंका के सिल्वर मेडल जीतने पर पिता मदनपाल गिरी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मेरठ स्थित आवास पर. प्रियंका गोस्वामी.

प्रियंका के प्रशंसकों की अटकी रहीं सांसे

प्रियंका गोस्वामी के 10 किमी रेस वाक मे प्रतिभाग करने की समाचार पर गांव गढमलपुर सांगड़ी में काफी उत्साह था. जैसे ही बर्मिंघम कामन वेल्थ गेम्स में प्रियंका रेस वाक के लिए ट्रैक पर उतरी तो सभी की धड़कन बढ़ गईं. परिवार के लोग भी टीवी पर टकटकी लगाकर प्रियंका को देखते रहे. शु़रुआती 8 किमी तक प्रियंका तीसरे नंबर पर चलती रही. जिससे परिवार वालों तथा प्रशंसकों को कुछ मायूसी होने लगी थी.

गांव गढमलपुर सांगड़ी में प्रियंका के परिवार के लोग<span class='red'>.</span>

गांव गढमलपुर सांगड़ी में प्रियंका के परिवार के लोग.

लेकिन 8 किमी के बाद प्रियंका गोस्वामी ने अप्रत्याशित ढंग से अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए दूसरे नंबर पर चल रही एमिली वामिसी को पीछे छोड़ दिया. एमिली अब तीसरे नंबर पर पहुंच गई और प्रियंका ने पहला जगह पाने के लिए संघर्ष प्रारम्भ किया.

प्रियंका गोस्वामी<span class='red'>.</span> फाईल फोटो<span class='red'>.</span>

प्रियंका गोस्वामी. फाईल फोटो.

प्रियंका उनसे आगे चल रही आस्ट्रेलिया की जेमिमा मोंटेग को पीछे छोड़ने में सफल नहीं हो सकी और उन्हें सिल्वर मेडल पर संतोष करना पड़ा. प्रियंका ने बर्मिंघम में 49 मिनट 38 सेकेंड का समय निकाला. जबकि आस्ट्रेलिया की गोल्ड मेडलिस्ट रेस वाकर जेमिमा मोंटेग 42 मिनट 38 सेकेंड का समय निकालकर पहले जगह पर रहीं.

रंग लाई प्रियंका की मेहनत: मदनपाल गिरी

प्रियंका के पिता मदनपाल गिरी ने बताया कि राष्ट्र के लिए मेडल जीतना सपना जैसा है. उन्होंने बोला कि प्रियंका राष्ट्र के लिए खेलती है, और हमेशा अपना 100 फीसदी देने का कोशिश करती है. उन्होंने बोला कि प्रियंका की कामयाबी का श्रेय वह देशवासियों को ही देना चाहेंगे. प्रशंसक ही हैं जो लगातार उत्साह बढ़ाते हैं और प्रियंका की कामयाबी की दुआ करते हैं.