‘हर घर तिरंगा अभियान’ का SP MLA जियाउर रहमान ने किया विरोध

‘हर घर तिरंगा अभियान’ का SP MLA जियाउर रहमान ने किया विरोध

आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ को लेकर गरमाये राजनीतिक माहौल के बीच संभल से समाजवादी पार्टी सांसद शफीकुर्रहमान बर्क़ के पौत्र समाजवादी पार्टी विधायक जियाउर्रहमान बर्क़ ने बड़ा बयान दिया है समाजवादी पार्टी विधायक ने भाजपा और RSS की तुलना आज़ादी के पहले राष्ट्र पर राज करने अंग्रेजों से की है उन्होंने बोला कि सिर्फ तिरंगा लगाने से राष्ट्र प्रेम नहीं और राष्ट्र की वफादारी के लिए मुसलमानों को किसी सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं ये लोग मामले से भटकाना चाहते है, इसलिए मैं इसकी मुखालफत करता हूं समाजवादी पार्टी विधायक ने आज़ादी के 5 दशकों बात तक भी आरएसएस कार्यालय पर तिरंगा नहीं फहराने को लेकर प्रश्न पूछा है

मुद्दे से भटकाने की प्रयास है ये अभियान

सपा विधायक ने बोला कि आजादी से पहले इस राष्ट्र पर हुकुमरानी अंग्रेज कर रहे थे और आज इस राष्ट्र पर हुकुमरानी वह लोग कर रहे हैं, जिनका राष्ट्र की आजादी में कोई रोल नहीं रहा है उन्होंने बोला कि हकीकत में तिरंगा लगाने से राष्ट्र प्रेम नहीं दिखाया जा सकता बल्कि देशप्रेम हमारे दिलों के अंदर है इस्लाम भी यही सिखाता है कि जिस राष्ट्र में रहो उस राष्ट्र के प्रति वफादारी और राष्ट्र की मिट्टी से प्यार होना चाहिए इसलिए सिर्फ झंडा लगाने से कोई वफादारी साबित नहीं होती उन्होंने बोला कि मुसलमानों को अब किसी सर्टिफिकेट या कोई सबूत देने की आवश्यकता नहीं है तिरंगा लगाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन ये लोग मामले से भटकाना चाहते है, इसलिए मैं इसका विरोध करता हूं

आरएसएस पर उठाए सवाल

सपा विधायक ने RSS कार्यालय पर तिरंगा ना फहराने पर प्रश्न खड़े किए समाजवादी पार्टी विधायक ने बोला कि हम लोग हमेशा से तिरंगा लहराते हुए आए है, लेकिन जो लोग आज घर घर तिरंगा लगवा रहे है वो अपने गिरेबान में झांककर देखे कि राष्ट्र की आज़ादी के इतने वर्ष बाद भी क्यों आज तक भगवा कार्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया राष्ट्र की जनता के सामने इसका उत्तर देना चाहिए

क्या है हकीकत?

बता दें कि आरएसएस के हेडक्वॉर्टर पर तिरंगा न लहराने को लेकर प्रश्न उठते रहे हैं हालांकि वर्ष 2002 तक निजी संस्थानों पर तिरंगा फहराने पर रोक थी हकीकत ये है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नागपुर हेडक्वॉर्टर पर 15 अगस्त 1947 और 26 जनवरी 1950 को तिरंगा फहराया गया था इसके बाद वर्ष 1950 से नियमों के चलते 2002 तक ऐसा नहीं हो सका था नवीन जिंदल मुद्दे के बाद जब संस्थानों को तिरंगा लगाने की अनुमति मिली, उसके बाद से तिरंगा नियमानुसार संघ मुख्यालय पर भी लगता रहा है हाल ही में आरएसएस ने इस बारे में अपनी सफाई भी दी थी