UP में लाखों घरों में बिजली गुल, ऊर्जा मंत्री को आया गुस्सा

UP में लाखों घरों में बिजली गुल, ऊर्जा मंत्री को आया गुस्सा

लखनऊ: यूपी में स्मार्ट मीटर कंट्रोल सिस्टम में आई गड़बडी से राज्य के स्मार्ट मीटर कनेक्शन वाले लाखों घरों में घंटो अंधेरा छाया रहा। जिसके चलते तमाम विद्युत उपकेंद्रों पर जनता ने घेराव कर दिया चूंकि गड़बड़ी मुख्य सिस्टम में हुई थी इसलिए विद्युत उपकेंद्रों पर मौजूद अभियंता भी कुछ नहीं कर सकें। ऊर्जा मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए कार्पोरेशन अध्यक्ष को 24 घंटे में जांच रिपोर्ट तलब की तथा इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री के सख्त रवैये को देखते हुए कार्पोरेशन प्रबंधन ने ईईसीएल के स्टेट हेड और प्रोजेक्ट मैनेजर एल एंड टी को निलंबित कर दिया है।


पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष अरविन्द कुमार ने बताया
पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष अरविन्द कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूम के साफ्टवेयर-हार्डवेयर में तकनीकी गड़बड़ी होने के कारण स्मार्ट मीटर वाले विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति कुछ घंटे के लिए बंद हुई है। लेकिन देर रात ज्यादातर उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बहाल हो गई गई। उन्होंने कहा इस मामलें की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पता लगेगा कि यह कैसे हुआ और किसकी जिम्मेदारी है।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा
इधर, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा कि वह पहले ही स्मार्ट मीटर को घटिया बताकर जांच कराने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि यही मीटर हैं जिसकी रीडिंग जंप करने पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने मीटर लगाने पर रोक लगाने के साथ ही उसकी जांच कराने के आदेश दिए थे, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। परिषद अध्यक्ष ने घटिया स्मार्ट मीटर आपूर्ति करने वाली संबंधित कंपनी को तत्काल ब्लैक लिस्ट करने की मांग की है ताकि उपभोक्ताओं को आगे किसी तरह की दिक्कत न हो।

बता दे कि यूपी में करीब 10 लाख बिजली उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगे है। स्मार्ट मीटर का पूरा कंट्रोल शक्ति भवन मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से होता है। यहीं से कमांड के जरिये इन मीटरों को नियंत्रित किया जाता है। चर्चा है कि इसी कंट्रोल रूम से किसी ने गलत कमांड दे दिया जिसके कारण स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के यहां बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।