लखनऊ में अभी नहीं शुरू होंगे मल्टीप्लेक्स और सिनेमाहाल

लखनऊ में अभी नहीं शुरू होंगे मल्टीप्लेक्स और सिनेमाहाल

सिनेमा के शौकीनों को अभी और इंतजार करना होगा। इस हफ्ते भी मल्टीप्लेक्स और सिंगिल स्क्रीन सिनेमाघरों में लोगों को पिक्चर देखने को नहीं मिलेगी। शहर के 11 मल्टीप्लेक्स और आठ सिंगिल स्क्रीन सिनेमा हाल अभी बंद ही रहेंगे। वजह यह है कि लॉकडाउन खुलने के बाद भी सिनेमा संचालक अभी सप्ताह में दो दिन की बंदी खुलने का इंतजार कर रहे हैं। संचालकों का कहना है कि मौजूदा समय में न तो पूरे शो चल सकेंगे और न ही लोग आएंगे इससे नुकसान के अलावा और कुछ हासिल होने वाला नहीं। क्षमता भी आधी ही होगी। 

भले ही प्रदेश सरकार ने इन्हें खोलने की अनुमति दे दी है लेकिन अभी तक न तो पिक्चर चलाने के प्रोग्राम तय हो सके हैं और न ही नए सिनेमा को लेकर हाॅल संचालक सक्रिय हुए हैं। ऐसे में फिलहाल अभी हॉल और मल्टीप्लेक्स में सिनेमा चलने की गुंजाइश अभी नहीं है। सिनेमा संचालकों की मानें तो राजधानी लखनऊ के जिन हॉल में पिक्चर प्रदर्शित किए जाने हैं उनके भी प्रोग्राम तय नहीं किए गए हैं। त्योहारी सीजन की दस्तक शुरू होने वाली है। लिहाजा पहले से ही सिनेमा चलाने के कार्यक्रम तय किए जाते हैं। उमराव, फिनिक्स, सहारागंज, क्राउन, सिंगापुर माल, फन, साहू, नावेल्टी, प्रतिभा, शुभम समेत कई हॉल में सिनेमा चलने में अभी वक्त है।


अभी कम से कम हफ्तेभर सिनेमा का संचालन नहीं हो सकेगा। दरअसल अभी संचालक हफ्ते में चल रही दो दिन की बंदी खुलने का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही शो के लिए थोड़ा वक्त और बढ़ाए जाने का इंतजार कर रहे हैं। एक दिन की बंदी शनिवार को खुलते ही पिक्चर चलाए जाने का रास्ता साफ हो जाएगा। कम से कम खर्च तो निकलने ही लगेगा। इसी को लेकर अभी तय किया जा रहा है। न तो नई पिक्चरों की बुकिंग की गई है और न ही हॉल और मल्टीप्लेक्स खोले जाने को लेकर सहमति बनी है। 

 
शहर के 11 मल्टीप्लेक्स में करीब 44 स्क्रीन लगी हैं। आठ सिंगल स्क्रीन हैं। इन सबमें सिनेमा के लिए बाकायदा प्लानिंग की जाती है और प्रोग्राम तय होते हैं। कौन से हॉल या मल्टीप्लेक्स की स्क्रीन पर कौन सा सिनेमा दिखाया जाना है इसे लेकर तैयारियां की जाती हैं। अभी पीवीआर, आईनॉक्स, सिने पोलिस आदि में सिनेमा के सबसे अधिक शौकीन शनिवार और रविवार को ही जमा होते हैं। इन्हीं दोनों दिनों की बंदी है। अब अगर तय गाइडलाइन के हिसाब से प्लानिंग की जाती है तो शो कम हो जाते हैं। मल्टीप्लेक्स में छह शो और सिनेमा हॉल में पांच शो चलते थे। यूपी में 58 मल्टी प्लेक्स और 250 सिंगिल सिनेमा संचालित होते हैं। इनमें से चार -पांच जिलों में कुछ शो चलाए जाने की सूचना मिली है।


सीएम योगी ने गुरु चरणों में नवाया शीश, महाआरती का आयोजन

सीएम योगी ने गुरु चरणों में नवाया शीश, महाआरती का आयोजन

तीन दिन के दौरे पर शुक्रवार को गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार की सुबह गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में अपने गुरुजनों की पूरे विधि-विधान से पूजा की और उनका आशीर्वाद लिया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री मंदिर परिसर में मौजूद सभी देव-विग्रहों के दरबार में भी गए और उनकी आराधना की।

पूजा के क्रम में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले नाथ पंथ के आदि गुरु बाबा गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। बाबा को परंपरागत महारोट का प्रसाद चढ़ाकर उन्होंने पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी पूजा की। उसके बाद वह परिसर में मौजूद सभी देव-विग्रहों के पास पहुंचे और उन्हें पूजा। अंत में वह बारी-बारी से बाबा गंभीरनाथ, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर गए और उनकी पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। पूजा-अर्चना की आनुष्ठानिक प्रक्रिया सम्पन्न होने के बाद मुख्यमंत्री की अगुवाई में गुरु पूर्णिमा पर होने वाली परंपरागत महाआरती का आयोजन किया गया और सभी गुरुओं के प्रति आस्था निवेदित की गई।


शिष्‍यों को आशीर्वाद देंगे गोरक्षपीठाधीश्‍वर

गुरु पूजा के बाद मुख्यमंत्री योगी बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर अपने शिष्यों को आशीर्वाद देंगे। यह आयोजन मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में होगा। इस आयोजन में शिष्यों को योगी आदित्यनाथ का आशीर्वचन भी सुनने को मिलेगा। इस दौरान भजन-कीर्तन का आयोजन भी है। इस कार्यक्रम में लोकगायक राकेश श्रीवास्तव गुरु महिमा वाले भक्ति गीतों का गायन करेंगे। अंत में भंडारे का आयोजन किया गया है, जिसमें मौजूद सभी लोग मंदिर का प्रसाद ग्रहण करेंगे। पूरे आयोजन के दौरान कोविड प्रोटोकाल के पालन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।


गुरु दर्शन के बाद किया जनता दर्शन

गुरु पूर्णिमा के दिन भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने राजनीतिक दायित्व को नहीं भूले। उन्होंने गुरु का दर्शन के बाद के मंदिर के हिंदू सेवाश्रम में हमेशा की तरह जनता दर्शन भी किया और दूर-दराज से न्याय की आस लेकर आए करीब 150 फरियादियों की समस्याएं सुनीं। सभी फरियादियों को उन्होंने समस्या समाधान के लिए आश्वस्त किया।