लखनऊ में ईद-उल-अजहा पर हुई कुर्बानी, लोगों ने घर में की इबादत

लखनऊ में ईद-उल-अजहा पर हुई कुर्बानी, लोगों ने घर में की इबादत

अल्लाह की इबादत और कुर्बानी के बीच बुधवार को शहर में ईद-उल-अजहा बकरीद मनाई गई । शारीरिक दूरी के पालन के साथ ही प्रशासन के निर्देशाे के अनुरूप मस्जिदों में 50 लोगोें ने नमाज पढ़ी। ऐशबाग ईदगाह में मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने नमाज अदा कराई तो लोगों ने अपने घरों में इबादत की और एक दूसरे के लिए दुआ मांगी। कुर्बानी के दौरान लोगों ने सुरक्षा संसाधनों का प्रयोग किया।

ईदगाह ऐशबाग में ईद-उल-अजहा की नमाज सुबह 10 बजे से पढ़ी गई। इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि सिर्फ 50 लोगों के साथ नमाज अदा की गई। सभी से घरों में नमाज पढ़ने की अपील की गई है। शहर-ए-जुमा मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने भी सभी को घरों में नमाज पढ़ने और कुर्बानी के दौरान कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करने की गुजारिश की।आसिफी मस्जिद के बजाय उन्होंने भी घर में ही नमाज अदा की। टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फजले मन्नान ने भी शारीरिक दूरी के पालन के साथ 50 लोगों को ही मस्जिद में नमाज अदा करने की इजाजत दी।

दफनाएं कुर्बानी की खालः जानवर की कुर्बानी की खाल को गरीबों में बांटने का प्रावधान है। ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि मदरसों में गरीबों शिक्षा के लिए लोग खाल को दान करते हैं। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते मदरसे बंद है। इस लहाज से इधर-उधर खाल फेकने के बजाय उसे जमीन में दफन कर दें। कुर्बानी करने वाला इसे बेंच नहीं सकता। मौलाना ने कुर्बानी की गंदगी को भी निश्चित स्थान पर फेकने की अपील की है।

 
कल तक जायज होगी कुर्बानीः बुधवार को सुबह से शुरू हुआ कुर्बानी का दौर शुक्रवार को दोपहर चार बजे तक चलेगा। शहर-ए-काजी मौलाना अबुल इरफान मियां फरंगी महली ने बताया कि तीन दिनों तक कुर्बानी होती है। साढ़े बावन तोले चांदी के बराबर हैसियत वालों को कुर्बानी जायज होती है। सभी को प्रशासन के नियमों के तहत कुर्बानी करनी चाहिए। 

ड्रोन कैमरे के साथ पुलिस ने की गश्तः पुराने लखनऊ समेत सभी इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने गश्त की। कई स्थानों पर ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई। मुख्यमार्ग के साथ ही सकरी गलियों में पुलिस की मुस्तैदी की वजह से त्योहार शांति से निपट गया। चौक, अमीनाबाद, कैसरबाग, आलमबाग व बंगलाबाजार जैसे इलाकों में सड़क पर पुलिस की मुस्तैदी होने से लोग घरों से बाहर नजर नहीं आए।


सीएम योगी ने गुरु चरणों में नवाया शीश, महाआरती का आयोजन

सीएम योगी ने गुरु चरणों में नवाया शीश, महाआरती का आयोजन

तीन दिन के दौरे पर शुक्रवार को गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार की सुबह गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में अपने गुरुजनों की पूरे विधि-विधान से पूजा की और उनका आशीर्वाद लिया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री मंदिर परिसर में मौजूद सभी देव-विग्रहों के दरबार में भी गए और उनकी आराधना की।

पूजा के क्रम में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले नाथ पंथ के आदि गुरु बाबा गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। बाबा को परंपरागत महारोट का प्रसाद चढ़ाकर उन्होंने पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी पूजा की। उसके बाद वह परिसर में मौजूद सभी देव-विग्रहों के पास पहुंचे और उन्हें पूजा। अंत में वह बारी-बारी से बाबा गंभीरनाथ, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर गए और उनकी पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। पूजा-अर्चना की आनुष्ठानिक प्रक्रिया सम्पन्न होने के बाद मुख्यमंत्री की अगुवाई में गुरु पूर्णिमा पर होने वाली परंपरागत महाआरती का आयोजन किया गया और सभी गुरुओं के प्रति आस्था निवेदित की गई।


शिष्‍यों को आशीर्वाद देंगे गोरक्षपीठाधीश्‍वर

गुरु पूजा के बाद मुख्यमंत्री योगी बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर अपने शिष्यों को आशीर्वाद देंगे। यह आयोजन मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में होगा। इस आयोजन में शिष्यों को योगी आदित्यनाथ का आशीर्वचन भी सुनने को मिलेगा। इस दौरान भजन-कीर्तन का आयोजन भी है। इस कार्यक्रम में लोकगायक राकेश श्रीवास्तव गुरु महिमा वाले भक्ति गीतों का गायन करेंगे। अंत में भंडारे का आयोजन किया गया है, जिसमें मौजूद सभी लोग मंदिर का प्रसाद ग्रहण करेंगे। पूरे आयोजन के दौरान कोविड प्रोटोकाल के पालन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।


गुरु दर्शन के बाद किया जनता दर्शन

गुरु पूर्णिमा के दिन भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने राजनीतिक दायित्व को नहीं भूले। उन्होंने गुरु का दर्शन के बाद के मंदिर के हिंदू सेवाश्रम में हमेशा की तरह जनता दर्शन भी किया और दूर-दराज से न्याय की आस लेकर आए करीब 150 फरियादियों की समस्याएं सुनीं। सभी फरियादियों को उन्होंने समस्या समाधान के लिए आश्वस्त किया।