भाजपा विधायकों ने दो हजार करोड़ के विकास कार्य कराए : सीएम योगी

भाजपा विधायकों ने दो हजार करोड़ के विकास कार्य कराए : सीएम योगी

सीएम योगी आदित्‍यनाथ ज‍िले के ठाकुरद्वारा में जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने संबोधन की शुरुआत भारत माता की जय के साथ की। कहा क‍ि भाजपा विधायकों ने दो हजार करोड़ के विकास कार्य कराए हैं। लेकिन विपक्ष के विधायकों का विकास से कोई संबंध ही नहीं, उनके विकास का मतलब है अपना विकास, सैफई का विकास। ठाकुरद्वारा में विधायक चुना होता तो यहां भी विकास की गंगा बहती।

सीएम ने कहा क‍ि 2017 में हुई चूक फिर दोबारा न हो इसलिए छह महीने पहले याद दिलाने आया हूं। यूपी में नई तकनीक से सड़कें बनाई जा रहींं हैं, जो 50 वर्षों तक विकास की राह दिखाएंगी। पहले पता नहीं चलता था कि सड़क है या खेत लेकन, अब ऐसा नहीं है। पहले बैलगाड़ी सड़क पर जाती तो चलते-चलते बैल गायब हो जाता था या बैलगाड़ी का सामान। अब कोई ऐसा करने का दुस्साहस करता है तो उसे उसकी सजा मिलती है। सजा भी ऐसी कि फिर किसी की ऐसा करने की हिम्मत नहीं होती। पहले मां अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए चिंतित रहती थीं अब बेटियां पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्रदेश में 30 हजार बेटियां पुलिस में भर्ती हो चुकी हैं। पहले सरकार सैफई से आगे नहीं सोचती थी, भर्ती में वसूली होती थी। पहले पेंशन समाजवादी पार्टी कैडर को मिलती थी। सरकारी खजाने से अपनों की जेब भरी जाती थी। अब ऐसा करने वालों के लिए तो प्रदेश की जेल इंतजार करते हुए कहती है, कब आओगे। अब सभी पात्रों को समान पेंशन मिल रही है। सांप्रदायिक तनाव के लिए नहीं एक्सपोर्ट हब के रूप में पहचान मिल रही है, घर पर रोजगार मिल रहा है। मुरादाबाद में 14 लाख लोगों को वैक्‍सीन लग चुकी है।कोरोना काल में दिल्ली की हालत देखिए और उत्तर प्रदेश की हालत देखिए। दिल्ली से लोग उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, मुरादाबाद के अस्पतालों में भर्ती हो रहे थे, हमने सभी की सेवा की, जबकि दिल्ली सरकार फेल हुई। साढ़े चार साल में हमने प्रदेश की तस्वीर बदल दी। हमने धारा 370 को हटाया। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य भव्यता के साथ चल रहा है। दुनिया का सबसे भव्य मंदिर अयोध्या में बन रहा है। सीएम ने कहा क‍ि मैं आपसे पूछता हूं, क्या कांग्रेस वाले मंदिर बनाते ?, सपा के लोग मंदिर बना पाते ?, क्या बसपा के लोग मंदिर बना पाते ?, आपको इन पर भरोसा है ?। पीएम मोदी ने लाखों लोगों को घर दिया। किसानों का गन्ना भुगतान समय से हो रहा है, सभी चीनी मिलों से कह दिया है क‍ि इस बार मिल चालू होने से पहले बकाया पांच हजार करोड़ का भुगतान हर हाल में हो जाए। ठाकुरद्वारा में 1947 के बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश से आए किसानों की जमीन के पट्टों की समस्या सुलझाने का मुद्दा पूर्व सांसद सर्वेश सिंह ने उठाया है। हम उनका समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


धनगर समाज की समस्‍या का होगा समाधान : सीएम ने आगे कहा क‍ि मोदी सरकार एनआरसी के जरिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य देशों से आने वाले भारतीयों की नागरिकता के ल‍िए प्रयास कर रही है, लेकिन विपक्षी इसमें रोड़ा अटकाते रहे। विरोध प्रदर्शन क‍िया। लोगों के प्रतिष्ठान जलाए गए। तब हमने कहा कि इसकी भरपाई आप तो क्या आपकी पीढि़यां भी करेंगी। अगर हम सख्त न होते तो प्रदेश जला देते। धनगर  समाज की समस्या के समाधान का कार्य चल रहा है, यह केवल भाजपा सरकार ही करेगी। 


बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

बॉयलर फटने से झुलसे इतने मजदूर, पुलिस के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी; ये है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक दर्दनाक घटना हुई। सिखेड़ा थाना क्षेत्र में निराना के जंगल में नाला के पास पुराने टायरों से तेल निकालने के चलाए जा रहे प्लांट में बॉयलर फटने से झुलसे दो मजदूरों की अस्पताल में मौत हो गई।

वहीं पुलिस प्रकरण की जांच के बजाए मजदूरों और फैक्टरी संचालक के बीच हुए समझौता का कागज लिए बैठी रही। मृतक पुरबालियान गांव के रहने वाले थे। पुलिस के रवैये से ग्रामीणों के बीच नाराजगी है। 

निराना के जंगल में गंदे नाले के पास काफी समय से पुराने टायरों से तेल निकालने का प्लांट चलाया जा रहा है। मंसूरपुर के गांव पुरबालियान निवासी 28 वर्षीय प्रदीप पुत्र महेंद्र व 24 वर्षीय मोनू पुत्र मांगा अन्य मजदूरों के साथ प्लांट में काम कर रहे थे। प्रदीप व मोनू शुक्रवार को बॉयलर के बोल्ट खोल रहे थे, इसी बीच बायलर में जोरदार धमाका हुआ और दोनों मजदूर बायलर से निकले मलबे की चपेट में आ गए। इससे दोनों की छाती का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। इस दौरान अन्य सभी मजदूर मौके पर पहुंचे। 

इसके बाद उन्होंने प्लांट मालिक को सूचना दी। मालिक ने मौके पर पहुंच कर मजदूरों की मदद से झुलसे मजदूरों को गंगदासपुर प्राइवेट डॉक्टर के यहां पहुंचाया, लेकिन हालत गंभीर देखकर डॉक्टर ने दोनों को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। 

दोनों को मेरठ सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां मंगलवार को मोनू व बुधवार को प्रदीप की मौत हो गई। दोनों मजदूरों की मौत से परिजनों में रोष है। बताया गया कि गुरुवार को गणमान्य लोगों ने प्लांट मालिक से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिलाकर पीड़ित परिजनों से समझौता करा दिया। उधर, मजदूरों में हादसे के बाद से दहशत है।

पुलिस ने साधी थी चुप्पी
बताया गया कि हादसे की सूचना पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन पुलिस ने चुप्पी साध ली थी। गुरुवार को थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस को इस बारे में थाना पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी। डायल 112 को सूचना दी थी।

प्रदूषण विभाग भी चुप
इस हादसे को लेकर प्रदूषण विभाग भी चुप है। जबकि यह प्लांट क्षेत्र में प्रदूषण फैला रहा है।