कोरोना के बाद टेस्ट मैच की संख्या हो सकती है कम, होंगेसफेद गेंद के मुकाबले ज्यादा

कोरोना के बाद  टेस्ट मैच की संख्या हो सकती है कम, होंगेसफेद गेंद के मुकाबले ज्यादा

कोरोनावायरस के कारण मार्च से इंटरनेशनल क्रिकेट पूरी तरह से बंद हैं. इससे संसार भर के बोर्ड को नुकसान हो रहा है. इस बीच विभिन्न बोर्ड के ऑफिसर अब इससे बचने का रास्ता खोज रहे हैं. इसमें पांच दिन के टेस्ट को चार दिन का किया जाना शामिल है.

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चीफ एक्जीक्यूटिव वसीम खान ने कहा, ‘‘हमें अलग तरह से सोचने की आवश्यकता है. कार्य बहुत अलग ढंग से करना होगा. आप सीरीज में टेस्ट मैच की संख्या कम कर सकते हैं. सफेद गेंद के मुकाबले ज्यादा होंगे.’’

4 दिन में 3 टी-20 हो सकते हैं
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के चीफ एक्जीक्यूटिव जैक्स फॉल ने कहा, ‘‘4 दिन का टेस्ट मैच सामने वाली टीम पर निर्भर रहेगा. हम इसके पक्ष में है.’’ क्रिकेट वेस्टइंडीज के चीफ एक्जीक्यूटिव जॉनी ग्रेव ने कहा, ‘‘कोई भी देश बिना घरेलू क्रिकेट के एक वर्ष से अधिक समय तक नहीं चल सकता. किसी भी दौरे के दिन को कम करके खर्च घटाया जा सकता है. चार दिन में 3 टी-20 मैच हो सकते हैं.’’

टेस्ट के आयोजन में 4 करोड़ का खर्च, 60 लाख रु। बचेंगे
एक टेस्ट के आयोजन में औसतन 4 करोड़ का खर्च आता है. यदि टेस्ट को 5 दिन की स्थान 4 दिन का कराया जाता है तो 40 लाख से 60 लाख रुपए प्रति मैच बच जाएंगे. ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड व दक्षिण अफ्रीका में खिलाड़ियों के साथ रेवेन्यू शेयरिंग एग्रीमेंट है. ऐसे में रेवेन्यू में कमी आती है तो खिलाड़ियों की सैलरी में कटौती होगी.

फ्चूयर टूर कार्यक्रम को फिर से रिव्यू करने की जरूरत
ग्रेव ने बोला कि कोई भी टीम छह मैच खेलने के लिए उस देश में नहीं जाएगी, जहां उन्हें दो सप्ताह तक क्वारेंटाइन में रहना पड़े. ऐसे में फ्यूचर टूर कार्यक्रम को फिर से रिव्यू करने की आवश्यकता है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बोला कि कोविड-19 का फाइनेंशियल इंपैक्ट कितना होगा, इस बारे में कुछ बोलना जल्दबाजी होगी. लेकिन महिला क्रिकेट में कटौती कम की जाएगी, क्योंकि भविष्य में अच्छा रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है.