केदार जाधव कर सकते हैं टीम इंडिया के लिए यह काम

केदार जाधव कर सकते हैं टीम इंडिया के लिए यह काम

केदार जाधव आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है, मौजूदा पीढ़ी उन्हें बेहतरीन ऑलराउंडर के तौर पर जानती है। उनका पूरा नाम केदार महादेव जाधव है जो सीमित ओवर के फॉर्मेट में टीम इंडिया के लिए मिडिल ऑर्डर में दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं।

 इसके साथ ही वो ऑफ स्पिन गेंदबाजी का भी हुनर जानते हैं। कई मौकों पर उन्हें विकेटकीपिंग करते हुए भी देखा गया है। उन्होंने पहली बार अपना वनडे शतक 4 मैच खेलने के बाद लागाया था। जाधव से पहले महेंद्र सिंह धोनी व मनोज प्रभाकर ने 5 मैच खेलने के बाद शतक ठोंका था। उसके कुछ ही महीने बाद मनीष पांडेय ने ऑस्ट्रेलिया के विरूद्ध अपना शतक 3 मैच खेलने के बाद बनाकर केदार जाधव का रिकॉर्ड तोडा दिया था।

केदार जाधव ने श्रीलंका के विरूद्ध रांची के मैदान में 16 नवंबर 2014 को अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला था। उन्होंने 17 जुलाई 2015 को अपने पहले टी-20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में शिरकत की थी। जाधव आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2017 में टीम इंडिया का भाग था व तब से वो इस टीम के अहम मेम्बर बन गए। जाधव ने वर्ष 2010 में दिल्ली डेयरडेविल्स के साथ अपनी आईपीएल करियर की शुरूआत की। हांलाकि बाद में वो कोच्चि टस्कर्स व आरसीबी टीम का भी भाग रहे। वैसे वो चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलते है।  

केदार जाधव महाराष्ट्र टीम की तरफ से प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलते हैं। पुणे में उत्तर प्रदेश के विरूद्ध वर्ष 2012 में उन्होंने 327 रन बनाकर अपना पहला प्रथम श्रेणी तिहरा शतक बनाया था, जो कि रणजी ट्राफी में महाराष्ट्र के बल्लेबाजों द्वारा बनाए गए बड़े स्कोर्स में से एक है। वर्ष 2013-14 में, रणजी ट्रॉफी सीजन में उन्होंने कुल 1223 रन बनाए हैं जिसमें 6 शतक शामिल थे। इस सीजन मे वो सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। इस कामयाबी के लिए उन्हें माधवराव सिंधिया अवॉर्ड दिया गया था।

केदार जाधव का जन्म 26 मार्च 1985 को महाराष्ट्र के पुणे शहर में हुआ था। इनके पिताजी का नाम महादेव जाधव व मां का नाम मंदाकिनी जाधव है। वो अपने 4 भाई-बहनों में से सबसे छोटे हैं। केदार की पत्नी का नाम स्नेहल जाधव है। केदार को बचपन से ही क्रिकेट का शौक था, इसलिए इस खेल को अपना फुल टाइम करियर चुना। वैसे वो टीम इंडिया का अहम भाग हैं व उन्होंने वर्ष 2019 का वर्ल्ड कप भी खेला था। केदार ने कई मौकों पर टीम इंडिया को कठिन दशा में जीत दिलाई है।