आईसीसी ने दी वर्ल्ड कप की मेजबानी छीनने की धमकी, जाने कारण

आईसीसी ने दी वर्ल्ड कप की मेजबानी छीनने की धमकी, जाने कारण

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) व भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) एक बार फिर कर के मुद्दे को लेकर आमने-सामने आ गए हैं. इसका प्रभाव हिंदुस्तान में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप 2021 पर पड़ सकता है. 

आईसीसी ने बीसीसीआई से वर्ल्ड कप के लिए हिंदुस्तान सरकार से कर में छूट लेने की बात कही थी, लेकिनबोर्ड इसमें नाकाम रहा. इस कारण आईसीसी ने वर्ल्ड कप की मेजबानी छीनने की धमकी दी है.

क्रिकेट वेबसाइट क्रिकेटइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो महीने में आईसीसी व बीसीसीआई के बीच ई-मेल के जरिए बहुत ज्यादा बाते हुईं. इसमें यह साफ पता चलता है कि आईसीसी किसी मूल्य पर मानने वाला नहीं है.

आईसीसी को 756 करोड़ रु। के नुकसान का डर
आईसीसी चाहता है कि वर्ल्ड कप को लेकर बीसीसीआई अपनी सरकार से कर में छूट ले. यदि ऐसा नहीं होता है, तो आईसीसी को करीब 100 मिलियन डॉलर (करीब 756 करोड़ रुपए) का नुकसान होने कि सम्भावना है.

भारत के साथ हमेशा यही समस्या रहती है: आईसीसी
आईसीसी ने 29 अप्रैल को एक पत्र लिखकर बीसीसीआई से 18 मई 2020 तक बगैर किसी शर्त के जवाब मांगा था. लेटर में बोला गया था कि 18 मई के बाद हिंदुस्तान से कभी भी तत्काल असर से वर्ल्ड कप की मेजबानी छीनी जा सकती है. आईसीसी यह निर्णय लेने का पूरा अधिकार रखता है. उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान के साथ हमेशा से ही कर को लेकर बहुत ज्यादा समस्या रही है.

बीसीसीआई ने 30 जून तक का समय मांगा
बीसीसीआई ने आईसीसी को जवाब में लेटर लिखा, ‘‘हम सरकार से कर में छूट लेने की पूरी प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां बीसीसीआई के नियंत्रण में नहीं है. ऐसे में सरकार से छूट हासिल कर पाना कठिन हो रहा है.’’ बीसीसीआई ने आईबीसी (आईसीसी की कारोबारी ईकाई) से 30 जून तक का समय मांगा है. हालांकि, आईसीसी ने यह अलावा समय देने से मना कर दिया.

2016 में भी हुआ था विवाद
यह पहली बार नहीं है, जब कर के मुद्दे को लेकर आईसीसी व बीसीसीआई के बीच विवाद हुआ है. इससे पहले 2016 टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान भी यही मुद्दा उठा था. तब यह टूर्नामेंट हिंदुस्तान में ही हुआ था. तब भी टूर्नामेंट को लेकर हिंदुस्तान सरकार से कोई छूट नहीं मिली थी. इसके कारण आईसीसी को 20-30 मिलियन डॉलर (करीब 150 से 230 करोड़ रुपए) तक का नुकसान झेलना पड़ा था.

आईसीसी ने 2018 में चेतावनी दी थी
2016 से सबक लेते हुए आईसीसी ने फरवरी 2018 में ही बीसीसीआई को चेतावनी दे दी थी. उसने बोला था कि बीसीसीआई अभी से नहीं संभला तो वह 2021 टी-20 वर्ल्ड कप व 2023 में वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी गंवा सकता है.

कॉन्ट्रेक्ट के मुताबिक दो इवेंट हिंदुस्तान को मिलते हैं
आईसीसी के इस कड़े रुख के बावजूद बीसीसीआई अधिकारियों का मानना है कि बोर्ड के साथ चर्चा जारी है. बीसीसीआई के एक ऑफिसर ने बोला कि स्टार स्पोर्ट्स के कॉन्ट्रेक्ट के मुताबिक, आईसीसी को दो इवेंट हिंदुस्तान को देने होते हैं. ऑफिसर ने बोला कि अगले महीने आईसीसी के अध्यक्ष पद के लिए भी चुनाव होना है. मौजूदा चेयरमैन शशांक मनोहर का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. उनका बीसीसीआई से रिश्ता अच्छा नहीं रहा है. चुनाव तक कुछ बोला नहीं जा सकता.

मीडिया अधिकार से ही होती है आईसीसी की कमाई
आईसीसी 8 वर्ष तक के अपने महिला-पुरुष के टी-20 व वनडे के अतिरिक्त अंडर-19 वर्ल्ड कप के मीडिया अधिकार बेचता है. यही बोर्ड की मुख्य कमाई होती है. वह सभी मेजबान देश की सरकार से कर में छूट की मांग करता है. लेकिन आईसीसी दावा करता है कि हिंदुस्तान ही एकमात्र देश है, जो टैक्ट में छूट नहीं देता है.