दोबारा क्यों होता है हार्ट फेल, चिकित्सक कर रहे रिसर्च

दोबारा क्यों होता है हार्ट फेल, चिकित्सक कर रहे रिसर्च

केंद्र सरकार का डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल इन दिनों एक रिसर्च में व्यस्त है, जिसमें यह पता लगाने की प्रयास की जा रही है कि एक बार हार्ट फेल होने पर आदमी को पूर्ण उपचार देने के बाद दूसरी बार हार्ट फेल क्यों हो जाता है? इसके पीछे क्या कारण हैं, कैसे दूसरी बार होने वाले हार्ट फेल से बचा जा सकता है, इससे बचने के लिए किन संसाधनों या दवाओं की आवश्यकता है, इस रिसर्च में इन सवालों के जवाब ढूंढने का कार्य चल रहा है. यह रिसर्च 100 लोगों पर की जा रही है, जिसे अस्पताल का कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट कर रहा है. यह रिसर्च पिछले कुछ महीनों से चल रही है व अगस्त मध्य तक इस नतीजे आने की बात कही जा रही है.

अस्पताल के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ। नीरज पंडित का बोलना है कि अस्पताल में कई बार ऐसे पेशंट आते हैं जिनका एक से ज्यादा बार हार्ट फेल हो चुका है. पहली बार हार्ट फेल होने पर उन्हें अस्पताल में ऐडमिट किया गया, पूरा उपचारदिया गया, दवाएं चलाई गईं लेकिन कुछ वर्ष बीतने पर आदमी का दोबारा हार्ट फेल हो गया. फिर उन्हें दोबारा से अस्पताल में ऐडमिट किया जाता है व उपचार किया जाता है. कई केस में एक से ज्यादा बार हार्ट फेल होता है लेकिन इसके पीछे कारण क्या है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है. अभी तक केवल खाने-पीने, बेकार जीवनशैली आदि को इसका कारण बताया जाता है लेकिन यह बेहद छोटे कारण हैं, असल वजह अलग है व यही जानने के लिए यह रिसर्च चल रही है. बीते कुछ महीनों से कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉक्टर्स 100 लोगों पर यह रिसर्च कर रहे हैं व अगस्त मध्य तक इसके नतीजे पब्लिक के सामने पेश किए जाएंगे.

यह लोग हैं रिसर्च में शामिल
डॉ। नीरज पंडित का बोलना है कि इस रिसर्च में हार्ट फेल के 100 पेशंट्स शामिल किए गए हैं. इनकी आयु 18 से 70 वर्ष के बीच की है लेकिन ज्यादातर लोग 50 वर्ष से ऊपर की आयु के हैं. हालांकि 18 वर्ष या इसके आसपास की आयु के बेहद कम लोग होते हैं जिन्हें हार्ट फेल या कोई अन्य हार्ट डिजीज हो. इसके लिए एक थिअरी भी तैयार की जा रही है ताकि आने वाले समय में दूसरे रिसर्चर्स के लिए वह उपयोगी हो.

बीच में ही छोड़ देते हैं दवा
उनका बोलना है कि एक से ज्यादा बार हार्ट फेल होने के पीछे एक कारण बीच में दवा छोड़ना है. अक्सर जिन लोगों को हार्ट फेल के बाद दवाएं दी जाती हैं, वह बीच में ही इसे खाना छोड़ देते हैं जिसके चलते बीमारी से पूरी तरह निदान नहीं मिल पाता. इससे दोबारा हार्ट फेल होने के चांस हो जाते हैं लेकिन इसके अतिरिक्त भी कई अन्य कारण हैं जो इसके जिम्मेदार हैं.