नंबर 7 पर धोनी आखिर किसका था फैसला?

नंबर 7 पर धोनी आखिर किसका था फैसला?

मैनचेस्टर: 7 जुलाई को जन्मे महेंद्र सिंह धोनी का लकी नंबर भी 7 है. हालांकि इस बार यही नंबर मुसीबत बन गया है. आम प्रशंसक से लेकर महान सचिन तेंडुलकर व सौरभ गांगुली तक पूछ रहे हैं कि सेमीफाइनल में धोनी को नंबर 7 पर क्यों उतारा गया? बैटिंग ऑर्डर टीम मैनेजमेंट तय करती है, जिसमें कप्तान, उपकप्तान व कोच शामिल होते हैं.

पूछा जा रहा है कि विराट कोहली, रोहित शर्मा व रवि शास्त्री ने धोनी को पहले क्यों नहीं भेजा? लेकिन एक सूत्र की मानें तो क्रीज पर देर से उतरने का फैसला खुद माही का था. 5 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद युवा ऋषभ पंत के साथ दिनेश कार्तिक क्रीज पर थे.दिनेश की स्थान धोनी को उतारा जा सकता था या फिर वह हार्दिक के जगह पर आ सकते थे.

तीसरा या चौथा विकेट गिरने के बाद धोनी क्रीज पर होते तो सामने वाले बैट्समैन को उसी तरह आदेश दे सकते थे, जैसे रविंद्र जाडेजा को दिया. तीसरा विकेट गिरने के बाद से ही MS धोनी पैड पहनकर बैठ गए थे. विकेट गिरने की आपाधापी में विराट या रोहित इस स्थिति में नहीं थे कि धोनी को कोई डायरेक्शन दे सकें. ऐसे में एक तरह से अपना बैटिंग ऑर्डर खुद धोनी को तय करना था.

  • आईसीसी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले में न्यू जीलैंड से हारकर भारतीय टीम का खिताबी सपना टूट गया. उसे 18 रनों से पराजय का सामना करना पड़ा है. टीम इंडिया के करोड़ों फैन्स का दिल भी इसी के साथ टूट गया. कीवी टीम ने जब 239 का स्कोर किया तो लगा हिंदुस्तान इतना सरलता से बना लेगा व फाइनल के लिए क्वॉलिफाइ करेगा, लेकिन कीवी गेंदबाजों ने शुरुआती 45 मिनट में ही मैदान पर उतरते ही गेम पलट दिया. आइए जानें मैच के टर्निंग पॉइंट्स के बारे में

  • मैट हेनरी ने ओपनर रोहित शर्मा व केएल राहुल, जबकि ट्रेंट बोल्ट ने कैप्टन विराट कोहली को पहली 19 गेंदों में आउट किया. तीनों 1-1 रन बना सके. टॉप-3 बल्लेबाजों के महज 5 रन के टीम स्कोर पर पविलियन लौटने से टीम इंडियाभयंकर दबाव में आ गई व 240 रनों का लक्ष्य पहाड़ सरीखा नजर आने लगा.

  • निदाहास ट्रोफी में आखिरी गेंद पर सिक्स लगाकर जीत दिलाने वाले दिनेश कार्तिक से टीम को उम्मीद थी, लेकिन वह भी कुछ खास नहीं कर सके व 6 रन पर चलते बने. अब 24 पर 4 विकेट गिरने के बाद ऋषभ पंत व हार्दिक पंड्या ने 5वें विकेट के लिए 47 रन जोड़कर स्थिति संभालने की प्रयास की, लेकिन दोनों हवाई शॉट खेलकर आउट हो गए. जबकि ऐसे शॉट की आवश्यकता थी ही नहीं.

  • लग रहा था कि हिंदुस्तान बड़े अंतर से हारेगा तो रविंद्र जाडेजा ने पूर्व कैप्टन धोनी के साथ 7वें विकेट के लिए 116 रन जोड़े. इसमें अहम सहयोग जड्डू का था. लग रहा था ये दोनों मैच फिनिश करके लोटेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. टीम इंडियाको जब 18 गेंद में 37 रन चाहिए थे, तभी जडेजा (77 रन, 59 गें, 4 चौके व 4 छक्के) कैच आउट हो गए. यहीं से मैच पलट गया.

  • 49वें ओवर में फर्ग्युसन की पहली ही बॉल पर धोनी ने छक्का जड़ा. फैंस का उत्साह देखते बन रहा था. कॉमेंट्री कर रहे पूर्व कैप्टन सौरभ गांगुली माइक थामे चेयर से लगभग उछलते दिखे. तीसरी बॉल पर धोनी ने दूसरे रन के लिए दौड़ लगाई, लेकिन फुर्तीले गप्टिल के सीधे थ्रो ने स्टंप बिखेर दिए. स्टेडिय में हजारों संख्या में बैठे भारतीय फैंस में मातम छा गया.गांगुली का चेहरा निराशा से भर गया. दरअसल, उन्हें पता था मैच हिंदुस्तान के हाथ से निकल गया है अब कुछ नहीं हो सकता.

इस पर मुद्दे पर कैप्टन विराट कोहली बोला था, 'पहले कुछ गेम के बाद (धोनी को) यही भूमिका था. स्थिति बेकार है तो उन्हें एक छोर संभालना होगा. अगर 6-7 ओवर बचे हैं तो क्रीज पर स्ट्राइक करेंगे.' दरअसल, हार्दिक पंड्या व दिनेश कार्तिक को धोनी से पहले भेजा गया जबकि शीर्ष क्रम बुरी तरह लड़खड़ा गया था. आखिर में हिंदुस्तान इस मैच में 18 रन से पराजय गया.

  • आईसीसी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया भले ही इंग्लैंड से पराजय गई हो, लेकिन उसके उपकप्तान एलेक्स कैरी ने सभी का दिल जीत लिया. टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी कंगारू टीम के टॉप-3 बल्लेबाज महज 14 रन पर चलते बने व वह पूरी तरह दबाव में आ गई. यहां उपकप्तान एलेक्स कैरी मैदान पर उतरे व स्टीव स्मिथ के साथ मोर्चा संभाल लिया. उन्होंने अभी 4 रन ही बनाए थे कि आर्चर की 139 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से की गई खतरनाक बाउंसर पर जबड़े पर चोट खा बैठे.

  • 8वें ओवर की आखिरी बॉल थी व गेंद सीधे कैरी के हेल्मेट पर लगी. गेंद लगने से कैरी के चेन से ब्लड निकलने लगा.ऑस्ट्रेलियाई फैन्स इससे दंग थे, क्योंकि कंगारू टीम का स्कोर 8 ओवर में महज 19 रन ही थी व उसके तीन बड़े बल्लेबाज आरोन फिंच (0), डेविड वॉर्नर (9) व पीटर हैंड्सकॉम्ब (4) पविलियन लौट चुके थे. सभी को पता था कि अगर कैरी भी लौट आए तो ऑस्ट्रेलियाई टीम कठिन में आ जाएगी.

  • गेंद लगने के बाद जैसे ही कैरी ने हेल्मेट निकाला उनके चेन से खून निकलने लगा. उन्होंने मेडिकल स्टाफ को संकेतकिया, लेकिन उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिख रही थी. वह अब भी बेखौफ दिख रहे थे. विपक्षी टीम के कैप्टन इयान मोर्गन व उनके साथी खिलाड़ी भी कैरी के पास पहुंच गए. उन्होंने कैरी से चोट के बारे में पूछा. इतने में मेडिकल टीम मैदान पर पहुंची व बैंडेज किया.

  • कैरी एक बार फिर खेलने के लिए तैयार हो गए. उनपर चोट का प्रभाव नहीं दिख रहा था. हालांकि, कुछ ही देर बाद फिर से ब्लड आने के बाद उन्होंने पट्टी बांधकर खेलना प्रारम्भ किया. सोशल मीडिया पर इसी वजह से उनकी खूब तारीफ हो रही है.कुछ ने तो उनकी तुलना पूर्व भारतीय कैप्टन अनिल कुंबले से भी की है, जिन्होंने मई, 2002 में वेस्ट इंडीज के विरूद्धएंटिगा टेस्ट के दौरान जबड़ा चोटिल होने के बाद भी गेंदबाजी की थी व लारा का विकेट लिया था.

  • कैरी ने चौथे विकेट के लिए पूर्व कैप्टन स्टीव स्मिथ के साथ मिलकर 103 रनों की साझेदारी की, जिसमें उनके 70 गेंदों में 4 चौके की मदद से 46 व स्मिथ के 48 रन शामिल थे. इस साझेदारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 49 ओवर में सभी विकेट खोकर 223 रन बनाए. अगर यह साझेदारी नहीं होती हो शायद कंगारू टीम 200 के अंदर ही ऑलआउट हो जाती. हालांकि, छोटे स्कोर का ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बचाव नहीं कर सके व उसे 8 विकेट से पराजय का सामना करना पड़ा.