डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी- ईरान ने बहुत बड़ी गलती की, US का ड्रोन मार गिराया

डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी- ईरान ने बहुत बड़ी गलती की, US का ड्रोन मार गिराया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोला है कि ईरान ने अमेरिकी सेना के ड्रोन को मार गिराया है व ऐसा कर उसने बड़ी गलती की है. गुरुवार (20 जून) को वाशिंगटन ने बोला कि ईरान ने उसके एक ड्रोन को अंतर्राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में होर्मुज जल संधि के पास सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल के जरिए मार गिराया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने गुरुवार को बाद में ट्विटर पर लिखा, “ईरान ने बहुत बड़ी गलती की है.” अमेरिका के रक्षा मंत्रालय मुख्यालय पेंटागन ने इस बात की पुष्टि की है कि ईरानी सैन्य बलों ने अमेरिकी नौसेना के एक निगरानी ड्रोन को मार गिराया है. साथ ही यह भी बोला कि यह अंतराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में था, ना कि ईरान के हवाई क्षेत्र में.

अमेरिकी मध्य कमान के प्रवक्ता एवं नौसेना कैप्टन बिल अर्बन ने एक बयान में बोला बीएएमएस- ड्रोन को एक ईरानी मिसाइल ने उस वक्त मार गिराया जब यह होर्मुज जलसंधि के ऊपर अंतर्राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में था. उन्होंने बोला कि विमान के ईरान के हवाई क्षेत्र में होने की ईरानी रिपोर्ट झूठी है.

दूसरी तरफ अमेरिका के इस आरोप को तेहरान ने खारिज किया है. ईरान के सशस्त्र बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने बोला कि उसने हर्मुज जलसंधि के पास अपने हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी जासूसी विमान को मार गिराया है. सामरिक महत्व के इस समुद्री मार्ग में तनाव बढ़ाने वाली यह ताजा घटना है.

इससे पहले, रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक बयान में बोला कि अमेरिका निर्मित ग्लोबल हॉक निगरानी ड्रोन विमान को एक मिसाइल से निशाना बनाया गया. उस पर यह हमला उस वक्त किया गया, जब वह होरमोजगन प्रांत के जल क्षेत्र के ऊपर था.

ईरानी सेना ने ड्रोन की फोटोज़ अभी प्रकाशित नहीं की है. उल्लेखनीय है कि इस जल क्षेत्र में करीब सप्ताह भर पहले दो टैंकरों पर हमला हुआ था व अमेरिका ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था. इस घटना से दोनों राष्ट्रों के बीच तनाव बढ़ रहा है.

हालांकि, ईरान ने इसमें अपनी किसी तरह की संलिप्तता से मना किया है. ईरान ने इशारा दिया है कि अमेरिका ने ही यह हमला (जहाजों पर) कराया होगा ताकि इसके बहाने इस्लामी गणराज्य (ईरान) के विरूद्ध बल इस्तेमाल किया जा सके.

तसनीम खबर एजेंसी ने रिवोल्यूशनरी गार्ड प्रमुख हुसैन सलामी के हवाले से बताया कि ड्रोन विमान को गिराना ईरान की सीमाओं की हिफाजत करने वालों की ओर से एक स्पष्ट संदेश है. सलामी ने कहा, ‘‘हम यह घोषणा करते हैं कि हम युद्ध नहीं चाहते हैं लेकिन हम युद्ध की किसी भी घोषणा का जवाब देने के लिए तैयार हैं.’’

गौरतलब है कि 2015 के ऐतिहासिक परमाणु करार से पिछले वर्ष मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हटने की घोषणा के बाद से दोनों राष्ट्रों के बीच तनाव बढ़ गया है.