हिंदुस्तान में कारोबारी कर घटाने के निर्णय पर अमेरिकी कॉर्पोरेट सेक्टर ने बोली यह बड़ी बात

हिंदुस्तान में कारोबारी कर घटाने के निर्णय पर  अमेरिकी कॉर्पोरेट सेक्टर ने बोली यह बड़ी बात

हिंदुस्तान में कारोबारी कर घटाने के निर्णय की अमेरिका के कॉर्पोरेट सेक्टर ने भी तारीफ की. उनका बोलना है कि इससे अर्थव्यवस्था को लाभ होगा. अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों को हिंदुस्तान में मैन्युफैक्चरिंग बेस बढ़ाने का अच्छा विकल्प मिलेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कॉर्पोरेट कर 30% से घटाकर 22% करने व शेयर मार्केट से जुड़े फैसलों का ऐलान शुक्रवार को किया था.

  1. यूएस- इंडिया स्ट्रैटजिक एंड पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने बोला कि हम लंबे समय से कॉर्पोरेट कर घटाने की मांग कर रहे थे. यह मांग पूरी करने के सरकार के निर्णय से भारतीय कंपनियां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेंगी.

  2. अघी के मुताबिक मिनिमम अल्टरनेट कर (एमएटी) घटाने, शेयर बायबैक पर कर नहीं लगाने व कैपिटल गेन पर बढ़े हुए सरचार्ज लागू नहीं करने के फैसलों से अमेरिका समेत दुनियाभर के निवेशकों का हिंदुस्तान में भरोसा बढ़ेगा. अघी का बोलना है कि हिंदुस्तान सरकार की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की पहल में शामिल होने के लिए यूएसआईएसपीएफ आगे रहता है.

  3. यूएसआईएसपीएफ ने भरोसा जताया कि पीएम नरेंद्र मोदी व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच 24 सितंबर को न्यूयॉर्क में होने वाली मुलाकात के दौरान अमेरिका-भारत के बीच व्यापार टकराव सुलझा लिए जाएंगे. यह कोई बड़ा मामला नहीं है.

  4. अघी ने बोला कि हिंदुस्तान को लेकर अमेरिकी कंपनियों के सेंटीमेंट अब ज्यादा परिपक्व व सुनियोजित हैं. अमेरिकी कंपनियों की भारतीय निवेश प्रक्रिया में कमी नहीं आ रही. बल्कि, वे मैन्युफैक्चरिंग के लिए चाइना के अतिरिक्त बैकअप स्ट्रैटजी तलाश रहे हैं. हिंदुस्तान इसका विकल्प बन गया है.

  5. उन्होंने बताया कि अमेरिकी कंपनियों का हिंदुस्तान में बाजार शेयर बढ़ रहा है. गूगल, फेसबुक, अमेजन, वॉट्सऐप, उबर चाइना से कारोबार समेट चुकी हैं. अमेरिका हिंदुस्तान में बड़ा विदेशी निवेशक (एफडीआई) भी है. हिंदुस्तान की ओर से सुधार के सकारात्मक कदमों के चलते यह उत्साह बना रहेगा.