उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस 2018 मुख्य इम्तिहान हुआ प्रारम्भ 

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस 2018 मुख्य इम्तिहान हुआ प्रारम्भ 

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस 2018 मुख्य इम्तिहान शुक्रवार से प्रारम्भ हो गई. पहली बार यह इम्तिहान बदले पैटर्न व पाठ्यक्रम पर हो रही है. पहले दिन सामान्य हिन्दी व निबंध का पेपर हुआ, जिसमें परिवर्तन नहीं किया गया है. उम्मीद थी कि पैटर्न व पाठ्यक्रम में परिवर्तन का प्रभाव इन दोनों पेपर पर भी दिखेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

दोनों पेपर कमोवेश पिछली परीक्षाओं जैसे ही थे. पहली पाली में हुई सामान्य हिन्दी की इम्तिहान के दौरान अभ्यर्थी मुख्य सचिव की किरदार में नजर आए क्योंकि एक प्रश्न में इन्हें अधिसूचना को परिभाषित करते हुए मुख्य सचिव की ओर से शिक्षकों की सेवानिवृत्ति वय बढ़ाने के संदर्भ में अधिसूचना का प्रारूप तैयार करने को बोला गया था. एक अन्य प्रश्न में अभ्यर्थियों ने यूपी के स्वास्थ्य विभाग लखनऊ की ओर से केन्द्र के स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव के लिए कुपोषण से जूझते बच्चों के उपचार को पूर्व में मांगी गई सहायता यथाशीघ्र स्वीकृत करने के लिए अर्धसरकारी लेटर का प्रारूप तैयार किया.

फूहड़ चाले, नौ घर हाले
सामान्य हिन्दी के पेपर में परीक्षार्थियों को मुहावरों/लोकोक्तियों ने सबसे ज्यादा उलझाया. 30 नंबर के इस प्रश्न में दस मुहावरे/लोकोक्तियां दी गई थीं, जिसका अर्थ स्पष्ट करते हुए इनका वाक्यों में इस्तेमाल करना था. फूहड़ चाले, नौ घर हाले, गुरु कीजे जान के, पीने पीजे छान के, कर खेती परदेस को जाए, वाको जनम अकारण जाए जैसे मुहावरों/लोकोक्तियों ने परीक्षार्थियों को बहुत ज्यादा परेशान किया. इस पेपर में दो गद्यांश दिए गए थे, जिन्हें पढ़कर उत्तर देना था. अधिसूचना व अर्धसरकारी लेटर के अतिरिक्त उपसर्ग/प्रत्यय, विलोम शब्द, वाक्यों को शुद्ध करने के साथ ही दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द भी लिखना था.