गैर गांधी’ कांग्रेस पार्टी प्रमुख पर मणिशंकर अय्यर का बयान, कहा- ‘गांधी मुक्त कांग्रेस’ ही बीजेपी का लक्ष्य

गैर गांधी’ कांग्रेस पार्टी प्रमुख पर मणिशंकर अय्यर का बयान, कहा- ‘गांधी मुक्त कांग्रेस’ ही बीजेपी का लक्ष्य

कांग्रेस अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी के बने रहने की अनिश्चितता के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने रविवार (23 जून) को बोला कि एक ‘गैर गांधी’ पार्टी का प्रमुख होने कि सम्भावना है, लेकिन गांधी परिवार को संगठन के भीतर सक्रिय रहना होगा. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी का लक्ष्य ‘गांधी मुक्त कांग्रेस’ है, ताकि ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ का उनका उद्देश्य पूरा हो सके. अगर राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष बने रहते हैं तो यह सबसे अच्छा होगा. हालांकि, राहुल की इच्छाओं का भी सम्मान होना चाहिए.

उन्होंने पीटीआई-भाषा को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैं आश्वस्त हूं कि पार्टी का अध्यक्ष कोई नेहरू-गांधी न हो, तब भी हमारा अस्तित्व कायम रहेगा. बशर्ते नेहरू-गांधी परिवार पार्टी में सक्रिय रहे व ऐसे संकट का निवारण निकालने में मदद करे, जहां गंभीर मतभेद उत्पन्न हों.’’ अय्यर ने बोला कि राहुल ने अध्यक्ष पद के लिए अन्य विकल्प ढूंढने के लिए एक महीने का वक्त दिया है व इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर वार्ता जारी है. पार्टी में ज्यादातर लोग राहुल के पद पर बने रहने के पक्ष में हैं.

हालांकि पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मीडिया को अटकलें लगाने के बजाए यह जानने के लिए ‘अंतिम समय सीमा’ का इंतजार करना चाहिए कि क्या कोई विकल्प मिल गया है या राहुल को कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष बने रहने के लिए मना लिया गया है. अय्यर ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि यह व्यक्तित्व का मुद्दा है. मैं जानता हूं कि बीजेपी का लक्ष्य गांधी मुक्त कांग्रेस पार्टी व नतीजन कांग्रेस पार्टीमुक्त हिंदुस्तान है. मेरे विचार में हम उस सोच के जाल में फंसने वाले नहीं हैं कि उन्होंने कुछ ऐसा पता लगा लिया है, जिसे खोज पाने में हम असमर्थ हैं.’’
संगठन के शीर्ष पर फेरबदल की आवश्यकता को लेकर पूछे गए सवाल पर 78 वर्षीय अय्यर ने कहा, ‘‘अगर आप सिर ही कलम कर देंगे तो धड़ फड़फड़ाने लगेगा.’’ अय्यर ने पार्टी के इतिहास से ऐसे कई उदाहरण पेश किए जब नेहरू-गांधी परिवार से बाहर के लोग पार्टी के अध्यक्ष रहे, यूएन ढेबर से लेकर ब्रह्मानंद रेड्डी तक. उन्होंने बोला कि अब भी इस मॉडल को अपनाया जा सकता है.

उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि सोनिया गांधी संसदीय दल की अध्यक्ष हैं व राहुल गांधी हमारे संसदीय दल का अहम भाग हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि शीर्ष पद पर राहुल गांधी रहें या कोई और, पार्टी लड़ेगी व वापस अपने स्वाभाविक नेतृत्व के मुकाम पर पहुंचेगी, जिसे मैं ‘आइडिया ऑफ इंडिया मूवमेंट’ कहता हूं.’’ बता दें कि राहुल गांधी ने 25 मई को कांग्रेस पार्टी काम समिति (सीडब्ल्यूसी) की मीटिंग के दौरान पार्टी अध्यक्ष के तौर पर त्याग पत्र देने की पेशकश की थी, लेकिन सीडब्ल्यूसी ने सर्वसम्मति से इसे खारिज कर दिया था हालांकि, राहुल अपने रुख पर कायम रहे.

राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश के बाद उनके अगले कदम को लेकर लग रही अटकलों के बीच गुरुवार (20 जून) को उन्होंने बोला था कि पार्टी निर्णय ले कि उनके बाद इस पद को कौन संभालेगा. वह इस पद पर नहीं बने रहेंगे. अय्यर ने बोला कि लोकसभा चुनावों में गठबंधन करने का कांग्रेस पार्टी का अंकगणित गलत साबित हो गया. उन्होंने बोला कि कांग्रेस पार्टी के इतिहास में ज्यादातर समय वह एक आंदोलन रही है.
यह पूछे जाने पर कि क्या ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ के साथ कांग्रेस पार्टी की प्रयास विफल रही व पार्टी को धर्मनिरपेक्षता की मजबूती से वकालत करने की आवश्यकता है. अय्यर ने कहा, ‘‘मैं ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ के विचार को खारिज करता हूं, क्योंकि मुझे नहीं लगता कि कांग्रेस पार्टी इस दिशा में बढ़ रही है. अय्यर ने कहा, ‘‘भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है व इसलिए हमें इस विचार को अक्षुण्ण रखने के लिए दृढ़ रहना होगा, जो हमारे संविधान का सार है व जिसे हम ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ कहते हैं उसका सत्व है.’’ स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव की ‘कांग्रेस समाप्त हो जानी चाहिए’ वाली टिप्प्णी पर उन्होंने बोला कि पार्टी की जीवनी लिखना बहुत जल्दबाजी होगी व बोला कि कांग्रेस पार्टी में अब भी उत्साह एवं ऊर्जा है जबकि यादव का संगठन ‘अस्तित्व की लड़ाई’ लड़ रहा है.