यहां जाने, शरद पूर्णिमा चावल की केसरिया खीर रेसिपी

यहां जाने, शरद पूर्णिमा चावल की केसरिया खीर रेसिपी

Rice Kesar Kheer Recipe, Sharad Purnima: शरद पूर्णिमा पर खीर खाने का रिवाज है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन खीर अमृत प्रसाद बन जाती है।

इसलिए लोग शरद पूर्णिमा पर खीर बनाकर रात के समय ऐसी जगहों पर रख देते हैं ताकि उस स्थान चंद्रमा की रौशनी पड़ती हो। माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा की किरणें अमृत बरसाती हैं।

ऐसे में हर कोई खीर का अमृत प्रसाद खाना चाहते हैं। क्या आप भी इस शरद पूर्णिमा पर खीर प्रसाद बनाना चाहते हैं तो आज हम आपको बनाना सिखाएंगे चावल की केसरिया खीर। ।

चावल की केसरिया खीर बनाने के लिए सामग्री (Chawal Ki Kheer)
बासमती टूटा चावल- ¼ कप(भीगे हुए)
चीनी- ½ कप

किशमिश- 2 टेबल स्पून
इलाइची- 6 कुटी हुई
केसर के धागे- 30

बादाम- 12 (कटे हुए)
काजू- 12 (कटे हुए)
दूध- 1 लीटर

शरद पूर्णिमा चावल की केसरिया खीर रेसिपी (Sharad Purnima Rice Kesar Kheer Recipe):
1. शरद पूर्णिमा पर चावल की केसरिया खीर बनाने के लिए सबसे पहले टूटे हुए चावलों को पानी से धोकर पानी में करीब 30 मिनट के लिए भिगोकर रख दें।

2. आंच पर भगोने में दूध उबलने के लिए रख दें। एक दूसरी कटोरी में थोड़ा सा दूध लेकर इसमें केसर के कुछ धागे डालकर चम्मच से मिला लें। दूध का रंग केसरिया हो जाने पर इसे एक तरफ रख लें।

3. ड्राई फ्रूट्स (बादाम व काजू) को छोटा-छोटा कतर के रख लें। इलायची को छीलकर पाउडर बना लें।

4. जब भगोने में गर्म हो रहे दूध में उबाल आने लगे तब इसमें भीगे हुए चावल का पानी निकालकर दूध में डालकर चमचे से मिला लें। करीब 1 से लेकर 2 मिनट तक चलाकर 10 से 12 मिनट तक पका लें। इस बात का ख्याल रखें कि दूध व चावल भगोने के तले में लगे नहीं।

5. थोड़ी देर बाद जब दूध में चावल थोड़े पककर फूल जाएं तो इसमें कतरे हुए ड्राई फ्रूट्स व मेवे डालकर चलाएं। खीर को मद्धम आंच पर पकाएं व थोड़ी थोड़ी देर पर चलाते रहें।

6. जब ये थोड़ा गाढ़ा हो जाए तो इसमें केसर व इलायची पाउडर ऊपर से डालें। इन्हें चमचे से अच्छे से मिला लें व 5 से 7 मिनट तक पकाएं।

7. लीजिए तैयार है आपकी चावल की केसरिया खीर। अब इसे एक सर्विंग बाउल में निकालकर ऊपर से कटे हुए मेवों से गार्निश करें। अब इस खीर को शरद पूर्णिमा का अमृत प्रसाद बनाने के लिए इसे एक जाली से ढंककर रातभर के लिए छत पर किसी सुरक्षित स्थान रख दें जहां चंद्रमा की रौशनी खीर पर पड़ती हो। प्रातः काल इसका खीर प्रसाद का सेवन कर लें।