स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से बचने के लिए नागरिकों से एहतियाती कदम उठाने का किया आग्रह

स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से बचने के लिए नागरिकों से एहतियाती कदम उठाने का किया आग्रह

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में डेंगू धीरे-धीरे महामारी का रूप लेता जा रहा है. डेंगू से अब तक सात लोगों की जान जा चुकी है व रोजाना औसतन 15 लोग इसके शिकार हो रहे हैं. आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया है कि अब तक 51 लोग डेंगू के शिकार बन चुके हैं जबकि 265 संदिग्ध केस सामने आ चुके हैं.

औरंगाबाद नगर निगम (AMC) की स्वास्थ्य इकाई ने डेंगू के कहर को देखते हुए शहर व इसके इर्द-गिर्द रोगियों की विशेष जाँच की व्यवस्था की है. AMC के स्वास्थ्यकर्मियों ने सारे शहर के एक लाख घरों को अपने स्वच्छता अभियान में शामिल किया है. बता दें कि डेंगू की जानलेवा बीमारी 'एडीस एजिप्टी' मच्छर के काटने से होती है, जो मिट्टी के बर्तन या भूमिगत टैंकों में इकट्ठे साफ पानी में अंडे देती है. स्वास्थ्य विभाग की 30 टीमों ने जब घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया तो डेंगू बीमारी का खुलासा हुआ. इसके बाद बड़े पैमाने में स्वास्थ्यकर्मियों व गैर सरकारी संगठनों के कार्यकर्ताओं को इस बारे में जानकारी इकठ्ठा करने के कार्य में लगाया गया है.

स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से बचने के लिए नागरिकों से एहतियाती कदम उठाने का आग्रह किया है, जैसे पूरी बांह वाले कपड़े पहनना व रात में सोते वक़्त मच्छरदानी का इस्तेमाल करना आदि. विभाग ने नागरिकों को हिदायत दी है कि वे सप्ताह में एक बार सभी पानी भंडारण वाले बर्तनों को साफ करें व अपने घरों के पास छोटे स्थानों पर पानी जमा न होने दें.