ब्रेस्ट कैंसर की वजह से बढ़ जाता है दिल रोग का खतरा

ब्रेस्ट कैंसर की वजह से बढ़ जाता है दिल रोग का खतरा

न्यूयॉर्क : रजोनिवृत्ति यानी मेनोपॉज पार कर चुकी स्त्रियों में अगर ब्रेस्ट कैंसर होता है तो ऐसी स्त्रियों में दिल रोग होने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है. एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने इस बात का पता लगाया है. इस स्टडी के नतीजे मेनोपॉज: द जर्नल ऑफ द नॉर्थ अमेरिकन मेनोपॉज सोसायटी नाम की पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं.

कीमो व रेडिएशन से दिल की बीमारी का खतरा
वर्जीनिया विश्वविद्यालय में प्रफेसर जोआन पिंकर्टन ने कहा, 'कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरपी व एरोमाटेज इनहिबिटर्स के उपयोग (जो ऐस्ट्रोजेन को कम करते हैं) की वजह से ब्रेस्ट कैंसर का उपचार करवा रही स्त्रियों में दिल की बीमारी अधिक देखी जाती है. दिल जोखिम विकिरण के सम्पर्क में आने के 5 वर्ष बाद यह रोग होने कि सम्भावना है व इसका जोखिम 30 वर्ष तक बना रहता है.'

हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने से खतरा होगा कम
पिंकर्टन ने कहा, 'अगर आप अपने दिल को स्वस्थ रखना चाहती हैं तो हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं क्योंकि यही एक मात्र उपाय है जिससे ब्रेस्ट कैंसर को दोबारा होने से रोका जा सकता है. साथ ही दिल से जुड़ी बीमारी होने के जोखिम को भी घटाया जा सकता है.'

8 घंटे से ज्यादा सोने पर ब्रेस्ट कैंसर का खतरा

ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर की सामान्य स्त्रियों से तुलना
ब्रेस्ट कैंसर से बची स्त्रियों व जिन स्त्रियों को ब्रेस्ट कैंसर है, अगर वे पोस्ट मेनोपॉज के स्टेज में हैं तो ऐसी स्त्रियों में दिल रोग के लिए जोखिम कारकों की तुलना व मूल्यांकन करना इस अध्ययन का लक्ष्य था. इस स्टडी के लिए चुनी गई सभी महिलाएं मेनोपॉज पा कर चुकीं थीं. इनमें से 90 ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर स्त्रियों की तुलना 192 सामान्य स्त्रियों से की गई.

ब्रेस्ट कैंसर पीड़ितों में दिखे दिल रोग के रिस्क फैक्टर्स
अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि जो महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर थीं उनमें मेटाबॉलिक सिंड्रोम, डायबीटीज, एथेरोस्लेरोसिस व मोटापे के कई लक्षण दिखे तो दिल से जुड़ी बीमारी होने के सबसे अहम रिस्क फैक्टर्स माने जाते हैं. साथ ही दिल की बीमारी की वजह से मृत्यु के मुद्देभी उसी तरह बढ़े नजर आए जैसे कैंसर से.

(आईएएनएस से इनपुट्स के साथ)

करें ये एक्सर्साइज, हार्ट अटैक का खतरा होगा 80% कम