छापेमारी में एनआईए को मिले बम-रॉकेट, हिंदुस्तान में आतंकवादी हमले करने की थी साजिश

छापेमारी में एनआईए को मिले बम-रॉकेट, हिंदुस्तान में आतंकवादी हमले करने की थी साजिश

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने बंगलूरू में छापेमारी कर एक बड़ी सफलता हासिल की है. उत्तरी बंगलूरू के सोलादेवानाहल्ली क्षेत्र में हुई छापेमारी में एनआईए ने 5 हथगोले, एक टाइमर डिवाइस, तीन इलेक्ट्रिक सर्किट, संदिग्ध विस्फोटक पदार्थ, आईईडी विस्फोटक व रॉकेट जब्त किए हैं. रॉकेट व आईईडी को टुकड़ों में बांटकर छिपाया गया था. इन्हें हिंदुस्तान और बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश के तहत यहां छिपाया गया था.

एनआईए ने मंगलवार को एक बयान में बताया कि इन विस्फोटकों की जानकारी प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के आतंकवादी हबीबुर रहमान ने दी थी. पश्चिम बंगाल के बर्दवान में 2 अक्तूबर, 2014 को हुए बम धमाके के मुद्दे में फरार चल रहे हबीबुर को पिछले महीने 25 जून को बंगलूरू में ही हिरासत में लिया गया था. बाद में एक एनआईए न्यायालय ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया था.
एनआईए ने बंगलूरू में बरामद हथगोले कर्नाटक में विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए बनाए गए थे.हथगोलों व अन्य विस्फोटकों की बरामदगी के बाद रहमान और जेएमबी के अन्य सदस्यों के विरूद्ध सोलादेवानाहल्ली पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है.

डकैती से फंड जुटा रहा था रहमान

फरार क्रिमिनल के तौर पर गिरफ्तारी के समय हबीबुर रहमान जेएमबी के एक मॉड्यूल का भाग था, जिसका लक्ष्य देश के लोकतांत्रिक ढांचे के विरूद्ध युद्ध छेड़कर विभिन्न आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देना है. एनआईए ने बताया कि रहमान व उसके अन्य साथियों ने आतंकवादी घटनाओं का फंड जुटाने के लिए 2018 में बंगलूरू शहर में कई डकैती को भी अंजाम दिया था.

पश्चिम बंगाल के बर्दवान में किराये के मकान में हुए बम धमाके के कारण जमात की तरफ से हिंदुस्तान व बांग्लादेश में कई बड़ी आतंकवादी हमले करने की साजिश का खुलासा हुआ था. जाँच में सामने आया था कि धमाके में मारे गए दोनों आदमी जेएमबी के सक्रिय मेम्बर थे, जो यहां बम बनाने के अलावा, हथियार जुटाने व आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर चलाने का कार्य कर रहे थे. बर्दवान बम धमाके में एनआईए ने न्यायालय में दाखिल चार्जशीट में रहमान का नाम फरार आरोपी के तौर पर शामिल किया था.