दुष्कर्म पीड़िता ने उच्च न्यायालय से मांगी गर्भपात की इजाजत

दुष्कर्म पीड़िता ने उच्च न्यायालय से मांगी गर्भपात की इजाजत

हाल ही में क्राइम के नए मुद्दे सभी को दंग कर रहे हैं। ऐसे में जो मुद्दा सामने आया है वह रायपुर का है। इस मुद्दे में छत्तीसगढ़ में एक बलात्कार पीड़ित युवती ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर गर्भपात की इजाजत मांगी है। वहीं मंगलवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने बिलासपुर के सीएमएचओ को बुधवार को जाँच रिपोर्ट न्यायालय के सामने पेश करने का आदेशदिया है। खबरों के अनुसार इस मुद्दे में अब गुरुवार को सुनवाई होगी। वहीं बीते मंगलवार को उच्च न्यायालय में जस्टिस प्रशांत मिश्रा की बेंच ने मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित युवती को बुधवार को बिलासपुर के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा ऑफिसर के समक्ष मौजूदहोने के आदेश दिए हैं।

इस मुद्दे में सीएमएचओ को युवती का स्वास्थ्य परीक्षण करने के लिए बोला गया है व सीएमएचओ को यह बताने के आदेश दिए गए हैं कि एमटीपी एक्ट 1971 के प्रावधानों के मुताबिक गर्भपात की अनुमति दी जा सकती है या नहीं? उच्च न्यायालय ने मुद्दे की सुनवाई निर्धारित करते हुए प्रदेश शासन को मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। आप सभी को बता दें कि उच्च न्यायालय में दायर याचिका में पीड़िता ने मनीष नामक एक युवक पर बलात्कार का आरोप लगाया है।

बस इसी कारण से वह गर्भवती हुई है व पीड़िता बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती है, इसलिए उसने उच्च न्यायालय से गर्भपात की अनुमति मांगी है। इस मुद्दे में याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपित युवक सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।