बंगाल में बाढ़ की स्थिति भयावह, यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में भी हालात ठीक नहीं

बंगाल में बाढ़ की स्थिति भयावह, यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में भी हालात ठीक नहीं

देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बंगाल में अभी भी बाढ़ की स्थिति भयावह है। इसी तरह गुजरात में 16 लाख से अधिक लोग इस बार बाढ़ की वजह से विस्थापित हुए हैं। वहीं, बिहार, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल आदि राज्यों के कुछ इलाकों में भी अभी हालात ठीक नहीं हैं।

बंगाल के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति

बंगाल में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं। भारी बारिश के बाद कोलकाता के कई इलाके आंशिक रूप से जलमग्न हो गए हैं। वहीं, कोलकाता में बारिश ने 13 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। यहां सोमवार को एक दिन में 142 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले साल 2008 के सितंबर महीने में एक दिन में 140 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। रविवार को रातभर बारिश हुई, जिस कारण कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई जिलों के कई इलाके जलमग्न हो गए और वहां सामान्य जनजीवन भी इसकी वजह से अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि राज्य में मंगलवार तक बारिश जारी रहने वाली है। अलीपुर मौसम कार्यालय के मुताबिक, कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर व दक्षिण 24 परगना जिलों में सबसे ज्यादा बारिश हुई है।


एमपी के रतलाम में पटरियों पर तीन फीट तक जमा हुआ पानी

मध्य प्रदेश के रतलाम में जारी बारिश के कारण सोमवार को ट्रेन की पटरियों पर तीन फीट तक पानी जमा हो गया। इस वजह से ट्रेनों का आवागमन भी बंद हो गया। लगातार हो रही बारिश के चलते सड़कों पर भी पानी भर गया है। यहां गाड़ियां भी नाव की तरह सड़कों पर तैरती नजर आईं। इतना ही नहींं दुकानों और घरों में भी बारिश का पानी घुस गया।


महाराष्ट्र की राज्यसभा सीट पर फैसले के साथ कांग्रेस हाईकमान ने दिए सख्‍त संदेश

महाराष्ट्र की राज्यसभा सीट पर फैसले के साथ कांग्रेस हाईकमान ने दिए सख्‍त संदेश

पंजाब में मुख्यमंत्री बदलने का बड़ा फैसला करने के अगले ही दिन कांग्रेस हाईकमान ने महाराष्ट्र की इकलौती राज्यसभा सीट का उम्मीदवार तय करने में भी अपना ही सिक्का चलाया। पार्टी ने जम्मू-कश्मीर की प्रभारी रजनी पाटिल को राज्यसभा चुनाव के लिए सोमवार को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस फैसले ने पार्टी के असंतुष्ट खेमे के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद की फिलहाल राज्यसभा में लौटने की गुंजाइश खत्म कर दी है।

मजबूत दावेदारों को किया दरकिनार

राज्यसभा के लिए हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस को महाराष्ट्र से एक सीट मिलनी तय है और रजनी पाटिल ने आजाद समेत बाकी कम से कम आठ मजबूत दावेदारों को पीछे छोड़ दिया। वैसे आजाद को महाराष्ट्र से मौका मिलना पहले ही कठिन नजर आ रहा था, इसके बावजूद असंतुष्ट खेमे की ओर से संभावनाएं टटोली गईं। रजनी पाटिल राज्यसभा में एक पारी खेल चुकी हैं और बीते कुछ समय से बतौर कांग्रेस प्रभारी जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

अब नाराजगी की परवाह नहीं

महाराष्ट्र की इस इकलौती सीट के लिए दावेदार तो मिलिंद देवड़ा, मुकुल वासनिक और संजय निरूपम जैसे नेता भी थे लेकिन हाईकमान से निकटता के चलते सियासी पलड़ा रजनी पाटिल का भारी रहा। इस कदम के जरिये कांग्रेस नेतृत्व ने यह संकेत भी दे दिया है कि अब बड़े राजनीतिक फैसले लेने में वह असंतोष और नाराजगी की ज्यादा परवाह नहीं करेगा।

शिवसेना-राकांपा का समर्थन मिलना तय 

 
कांग्रेस के युवा नेता रहे राजीव सातव के निधन के कारण महाराष्ट्र की इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है। सातव की पत्नी को उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें थीं लेकिन नेतृत्व ने मौजूदा वक्त में अपनी सियासत मजबूत करने की रणनीति के हिसाब से उम्मीदवार तय करना मुनासिब समझा। राज्यसभा की यह सीट कांग्रेस कोटे की थी इसलिए शिवसेना और राकांपा का समर्थन मिलना तय है। इस हिसाब से रजनी पाटिल की जीत पक्की है।