महाराष्ट्र की राज्यसभा सीट पर फैसले के साथ कांग्रेस हाईकमान ने दिए सख्‍त संदेश

महाराष्ट्र की राज्यसभा सीट पर फैसले के साथ कांग्रेस हाईकमान ने दिए सख्‍त संदेश

पंजाब में मुख्यमंत्री बदलने का बड़ा फैसला करने के अगले ही दिन कांग्रेस हाईकमान ने महाराष्ट्र की इकलौती राज्यसभा सीट का उम्मीदवार तय करने में भी अपना ही सिक्का चलाया। पार्टी ने जम्मू-कश्मीर की प्रभारी रजनी पाटिल को राज्यसभा चुनाव के लिए सोमवार को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस फैसले ने पार्टी के असंतुष्ट खेमे के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद की फिलहाल राज्यसभा में लौटने की गुंजाइश खत्म कर दी है।

मजबूत दावेदारों को किया दरकिनार

राज्यसभा के लिए हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस को महाराष्ट्र से एक सीट मिलनी तय है और रजनी पाटिल ने आजाद समेत बाकी कम से कम आठ मजबूत दावेदारों को पीछे छोड़ दिया। वैसे आजाद को महाराष्ट्र से मौका मिलना पहले ही कठिन नजर आ रहा था, इसके बावजूद असंतुष्ट खेमे की ओर से संभावनाएं टटोली गईं। रजनी पाटिल राज्यसभा में एक पारी खेल चुकी हैं और बीते कुछ समय से बतौर कांग्रेस प्रभारी जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

अब नाराजगी की परवाह नहीं

महाराष्ट्र की इस इकलौती सीट के लिए दावेदार तो मिलिंद देवड़ा, मुकुल वासनिक और संजय निरूपम जैसे नेता भी थे लेकिन हाईकमान से निकटता के चलते सियासी पलड़ा रजनी पाटिल का भारी रहा। इस कदम के जरिये कांग्रेस नेतृत्व ने यह संकेत भी दे दिया है कि अब बड़े राजनीतिक फैसले लेने में वह असंतोष और नाराजगी की ज्यादा परवाह नहीं करेगा।

शिवसेना-राकांपा का समर्थन मिलना तय 

 
कांग्रेस के युवा नेता रहे राजीव सातव के निधन के कारण महाराष्ट्र की इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है। सातव की पत्नी को उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें थीं लेकिन नेतृत्व ने मौजूदा वक्त में अपनी सियासत मजबूत करने की रणनीति के हिसाब से उम्मीदवार तय करना मुनासिब समझा। राज्यसभा की यह सीट कांग्रेस कोटे की थी इसलिए शिवसेना और राकांपा का समर्थन मिलना तय है। इस हिसाब से रजनी पाटिल की जीत पक्की है। 


PM मोदी से मिले सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान, अफगानिस्तान पर हुई चर्चा

PM मोदी से मिले सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान, अफगानिस्तान पर हुई चर्चा

सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और उन्होंने अफगानिस्तान में हालात समेत क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान जारी कर बताया कि बैठक में विभिन्न द्विपक्षीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसमें दोनों देशों के बीच स्थापित रणनीतिक साझेदारी परिषद के तहत पहल शामिल हैं।

एक दिन पहले ही अल सऊद ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत की थी जो मुख्य रूप से अफगानिस्तान के घटनाक्रमों पर फोकस थी। हालांकि इस दौरान रक्षा, व्यापार, निवेश और ऊर्जा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों का और विस्तार करने के रास्ते तलाशने पर भी बात हुई थी।अल सऊद से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि उनके साथ जारी द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया।


पीएमओ की ओर से जारी बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब की ओर से अधिक निवेश किए जाने की उम्मीद जताई जिनमें ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और रक्षा निर्माण समेत प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान भारतीय समुदाय के हितों का ध्यान रखने के लिए सऊदी अरब को विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘सऊदी अरब के विदेश मंत्री हिज हाइनेस प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से भेंट कर खुशी हुई। द्विपक्षीय सहयोग के लिए जारी पहल और क्षेत्रीय स्थिति पर विचारों का आदान प्रदान किया।’’ बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब द्वारा भारत में ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और रक्षा उत्पादन के क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर बात की। इस बैठक में अफगानिस्तान की स्थिति समेत क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विमर्श हुआ। बयान के अनुसार, मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय लोगों के कल्याण के लिए सऊदी अरब द्वारा उठाये गए कदमों की सराहना की।