देश में कोरोना के एक्टिव केस 184 दिनों में सबसे कम, नए मामलों में भी आई गिरावट

देश में कोरोना के एक्टिव केस 184 दिनों में सबसे कम, नए मामलों में भी आई गिरावट

देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या में कमी जारी है। देश में कोरोना के एक्टिव केस 184 दिनों में सबसे कम हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में फिलहाल 3,09,575 मरीजों का इलाज चल रहा है। सक्रिय मामलों में कुल संक्रमणों का 0.92 प्रतिशत हिस्सा शामिल है जो मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। यानि देश में कोरोना की एक्टिव दर 0.92 फीसद है। 24 घंटे की अवधि में सक्रिय COVID-19 केस में 8,606 मामलों की कमी दर्ज की गई है।

देश में कोरोना के नए मामलों में एक बार फिर से गिरावट आई है।  बीते 24 घंटों में देश भर से कोरोना के 26 हजार नए केस सामने आए हैं। इस दौरान 252 मौतें हुई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 26,115 नए मरीज सामने आए हैं। इस दौरान 252 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई है।

इसी दौरान देश में 34,469 लोग कोविड से रिकवर होकर घर लौटे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में फिलहाल 3,09,575 मरीजों का इलाज चल रहा है वहीं 3,27,49,574 लोग रिकवर हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में अब तक कुल 4,45,385 लोग कोरोना के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। मंत्रालय के अनुसार देश में नए मामले पाए जाने के बाद एक्टिव केस में 8,606 की कमी आई है।


केरल में कोरोना के 15,692 नए मामले, 92 की मौत

देश में आए कोरोना के कुल 26,115 मामलों में से केरल में कोरोना के 15,692 मामले सामने आये जबकि प्रदेश में 92 लोगों की मौत हो गयी। इसके साथ ही केरल में संक्रमितों की कुल संख्या 45,24,185 जबकि मरने वालों की संख्या 23,683 हो गई है।

महाराष्ट्र में 2583, तमिलनाडु में 1661 और कर्नाटक में 677 नये मामले


महाराष्ट्र में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 2,583, तमिलनाडु में 1661, कर्नाटक में 677 नए मामले सामने आए।

देश में लगी वैक्सीन की 81 करोड़ से अधिक डोज

देश में अब तक कोविड-19 वैक्सीन की कुल 81,78,68,213 डोज दी जा चुकी है। सोमवार को 96,46,778 डोज दी गई। कोविन पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई। अब तक दी गई 81,85,13,827 खुराक में से 61,01,36,609 लाभार्थियों को टीके की पहली खुराक दी गई और 20,77,31,604 लोगों को दूसरी खुराक दी गई।


देश में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71वें जन्मदिन के मौके पर कोरोना टीकाकरण का एक दिन का रिकार्ड बनाया गया था। इस दिन टीके की ढाई करोड़ से ज्यादा खुराक दी गई थी।

आइएसीएमआर(ICMR) के अनुसार सोमवार को देश भर में 14 लाख 13 हजार 951 सैंपल्स की जांच हुई। वहीं अब तक 55 करोड़, 50 लाख, 35 हजार 717 सैंपल्स की जांच हो चुकी है।


महाराष्ट्र की राज्यसभा सीट पर फैसले के साथ कांग्रेस हाईकमान ने दिए सख्‍त संदेश

महाराष्ट्र की राज्यसभा सीट पर फैसले के साथ कांग्रेस हाईकमान ने दिए सख्‍त संदेश

पंजाब में मुख्यमंत्री बदलने का बड़ा फैसला करने के अगले ही दिन कांग्रेस हाईकमान ने महाराष्ट्र की इकलौती राज्यसभा सीट का उम्मीदवार तय करने में भी अपना ही सिक्का चलाया। पार्टी ने जम्मू-कश्मीर की प्रभारी रजनी पाटिल को राज्यसभा चुनाव के लिए सोमवार को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस फैसले ने पार्टी के असंतुष्ट खेमे के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद की फिलहाल राज्यसभा में लौटने की गुंजाइश खत्म कर दी है।

मजबूत दावेदारों को किया दरकिनार

राज्यसभा के लिए हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस को महाराष्ट्र से एक सीट मिलनी तय है और रजनी पाटिल ने आजाद समेत बाकी कम से कम आठ मजबूत दावेदारों को पीछे छोड़ दिया। वैसे आजाद को महाराष्ट्र से मौका मिलना पहले ही कठिन नजर आ रहा था, इसके बावजूद असंतुष्ट खेमे की ओर से संभावनाएं टटोली गईं। रजनी पाटिल राज्यसभा में एक पारी खेल चुकी हैं और बीते कुछ समय से बतौर कांग्रेस प्रभारी जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

अब नाराजगी की परवाह नहीं

महाराष्ट्र की इस इकलौती सीट के लिए दावेदार तो मिलिंद देवड़ा, मुकुल वासनिक और संजय निरूपम जैसे नेता भी थे लेकिन हाईकमान से निकटता के चलते सियासी पलड़ा रजनी पाटिल का भारी रहा। इस कदम के जरिये कांग्रेस नेतृत्व ने यह संकेत भी दे दिया है कि अब बड़े राजनीतिक फैसले लेने में वह असंतोष और नाराजगी की ज्यादा परवाह नहीं करेगा।

शिवसेना-राकांपा का समर्थन मिलना तय 

 
कांग्रेस के युवा नेता रहे राजीव सातव के निधन के कारण महाराष्ट्र की इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है। सातव की पत्नी को उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें थीं लेकिन नेतृत्व ने मौजूदा वक्त में अपनी सियासत मजबूत करने की रणनीति के हिसाब से उम्मीदवार तय करना मुनासिब समझा। राज्यसभा की यह सीट कांग्रेस कोटे की थी इसलिए शिवसेना और राकांपा का समर्थन मिलना तय है। इस हिसाब से रजनी पाटिल की जीत पक्की है।