शिव सेना के 35 से ज्यादा बागी विधायकों के साथ एकनाथ शिंदे गुवाहाटी में जमे

शिव सेना के 35 से ज्यादा बागी विधायकों के साथ एकनाथ शिंदे गुवाहाटी में जमे

महाराष्ट्र में राजनीतिक खींचतान जारी है. शिव सेना के 35 से अधिक बागी विधायकों के साथ एकनाथ शिंदे गुवाहाटी में जमे हैं. गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे गुट के साथ शिवसेना की स्त्री विधायक यामिनी जाधव भी उपस्थित हैं. यामिनी और उनके पति पिछले कुछ समय से केंद्रीय जांच एजेंसियों के रडार पर थे. यही कारण है कि यामिनी के इस निर्णय पर कई लोग चुटकी ले रहे हैं और उन पर डर के मारे शिव सेना का साथ छोड़ने के आरोप लगा रहे हैं.

पति भी राजनीति में हैं, ठाकरे परिवार के करीबी माने जाते थे

भायखला से शिव सेना विधायक यामिनी जाधव के पति भी राजनीति में हैं. यशवंत जाधव चार बार BMC के स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन रह चुके हैं. उन्हें ठाकरे परिवार का करीबी समझा जाता रहा है. पिछले कुछ समय से पति-पत्नी पर केंद्रीय जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा था. इसको लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें समन भी जारी किया था.

घर पर पड़ी थी आयकर डिपार्टमेंट की रेड, संपत्ति हुई थी कुर्क

यामिनी और यशवंत जाधव के मझगांव स्थित घर पर इनकम टैक्स विभाग ने छापा मारा था. 4 दिनों तक चली जांच में उसके घर के कई जरूरी डॉक्यूमेंट्स बरामद किए गए. साथ ही इनकम टैक्स विभाग ने उनकी पांच करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्ति कुर्क कर ली थी. जाधव पति-पत्नी पर आरोप थे कि उन्होंने हवाला के पैसों से दर्जनों फ्लैट्स खरीदे. इन संपत्तियों की अनुमानित मूल्य लगभग 130 करोड़ रुपए है.

उद्धव कहते थे-फंसाया जा रहा है, अब उनके ही विरूद्ध खड़ी हुईं

जब यामिनी और यशवंत जाधव के विरूद्ध केंद्रीय जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा था. तब शिव-सेना उनके बचाव में आई थी. उद्धव समेत पार्टी के सभी बड़े नेताओं ने जाधव दंपति को सियासी कारणों से फंसाना का आरोप लगाया था. लेकिन अब यामिनी जाधव को उद्धव के नेतृत्व पर भरोसा नहीं है.

मुस्लिम बहुल सीट से जीता था चुनाव, AIMIM के वारिस पठान को हराया था

52 वर्ष की यामिनी जाधव ने 2019 में मुसलमान बहुल विधानसभा क्षेत्र भायखला से चुनाव जीता था. खास बात यह थी कि कड़े मुकाबले में उन्होंने AIMIM के वारिस पठान को हराया था. यामिनी इससे पहले BMC की पार्षद थीं. वो यहां चाइल्ड एंड वुमन वेलफेयर कमेटी की चेयरमैन भी रह चुकी हैं.