पुरुष भी दिखना चाहते है हैंडसम और गुड लुकिंग तो फॉलो करें ये टिप्स

पुरुष भी दिखना चाहते है हैंडसम और गुड लुकिंग तो फॉलो करें ये टिप्स

चाहे पुरुष हो या महिला अपनी खूबसूरती पर सबको नाज होता है। हर कोई अपनी सुंदरता को बरकरार रखने के लिए कई ब्यूटी टिप्स का सहारा लेते है। आज के समय में अच्छा दिखना पुरुषों के लिए भी उतना ही जरूरी है जितना महिलाओं के लिए। अगर आप भी हैंडसम दिखना चाहते है तो इन टिप्स को फॉलो कर सकते है। 

गुड लुकिंग बनना है तो फॉलो करें ये ब्यूटी टिप्स

स्क्रबिंग से स्किन में मौजूद डेड सेल्स निकल जाते हैं। अगर आप स्किन को स्क्रब न करें तो इससे चेहरे के रोमछिद्र में गंदगी जमा हो जाती है और कील-मुंहासे निकलने की आशंका बढ़ जाती है।


पुरुषों की त्वचा को साफ और हेल्दी रखने के लिए सिर्फ क्लेन्जिंग और मॉइश्चराइजिंग काफी नहीं है। पुरुषों की टफ, ड्राई और डल स्किन को ठीक करने के लिए एक प्रॉपर स्किन केयर रिजीम बनाने की जरूरत है।

मॉइश्चराइजिंग इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इससे स्किन ड्राई और डल नहीं होती और उस पर क्रैक्स भी नहीं पड़ते है। अपनी स्किन और बॉडी पर ऐसी मॉइश्चराइजिंग क्रीम लगाएं जो थिक हो।


पुरुषों को भी अपने होंठों का ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए एक अच्छे लिप बाम का इस्तेमाल करें जो होंठों को नरम और कोमल बनाएगा।


अगर आपकी बेटी भी हो गयी है जवान तो इन बातों का रखें ध्यान

अगर आपकी बेटी भी हो गयी है जवान तो इन बातों का रखें ध्यान

अक्सर माँ-बाप बेटी का विशेष ख्याल रखते है। बेटी अगर घर से कहीं बाहर जाती है तो भी पेरेंट्स को उसकी चिंता सताए जाती है लेकिन कई बार मां-बाप अपने बेटी कर ऐसी रोक-टोक लगाने लग जाते है जिस वजह से बेटी को अपने पेरेंट्स से नफरत होने लगती है और उनका कहना मानना तक बंद कर देती है। अगर आपकी बच्ची में किशोर अवस्था में आ चुकी है तो उसके साथ जरा सावधानी के साथ नर्मी से बर्ताव करें।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

# उन्हें बात-बात पर टोकने के बजाएं अपने आप को समझने का मौका दें। अग बेटी अपने भीतर और आस-पास हो रहे बदलाव को खुद से समझेगी तो अच्छे से निर्णय ले पाएंगी।


# अक्सर अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों के साथ करने लगते है। जिस वजह से बच्चों को अपना अपमान महसूस होता है। ऐसे में उन्हें अपने पेरेंट्स ही दुश्मन लगने लगते है।


# हर कोई अपनी लाइप में स्पेस चाहता है। ऐसे में उसके पीछे जासूस की तरह मत घूमते रहे बल्कि उसको भी कुछ स्पेस दें। ऐसा करने से बच्चों और पेरेंट्स के बीच को भरोसा मजबूत होगा।