भारत के कोरोना वैक्सीन का निर्यात फिर से शुरू करने के फैसले पर अमेरिका ने जताई खुशी

भारत के कोरोना वैक्सीन का निर्यात फिर से शुरू करने के फैसले पर अमेरिका ने जताई खुशी

अमेरिका (America) के एक प्रभावशाली सांसद ने ‘कोवैक्स' पहल के तहत अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए कोरोना वैक्सीन की निर्यात दोबारा शुरू करने के भारत के फैसले का स्वागत किया है। भारत के स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को कहा कि देश COVAX ग्लोबल पूल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए 'वैक्सीन मैत्री' कार्यक्रम के तहत इस साल की चौथी तिमाही में COVID-19 टीकों का निर्यात फिर से शुरू करेगा। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने देश के नागरिकों का टीकाकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। COVAX का सह-नेतृत्व Gavi, द कोएलिशन फार एपिडेमिक प्रिपेयर्डनेस इनोवेशन और WHO द्वारा किया जाता है।

अमेरिका (America) के एक प्रभावशाली सांसद और शक्तिशाली हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष कांग्रेसी ग्रेगरी मीक्स ने सोमवार को एक ट्वीट में कहा कि मैं भारत सरकार द्वारा COVID-19 वैक्सीन निर्यात को फिर से शुरू करने की आज की घोषणा का स्वागत करता हूं। मीक्स ने न्यूयॉर्क टाइम्स के एक लेख को टैग करते हुए ट्वीट किया कि दुनिया के अग्रणी वैक्सीन निर्माता के रूप में, इस महामारी को हराने के लिए भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है।


अगले महीने से फिर कोरोना वैक्सीन का निर्यात

स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया के मुताबिक भारत कोवैक्स कार्यक्रम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत अक्टूबर से वैक्सीन का निर्यात शुरू करेगा। ग्लोबल एलायंस फार वैक्सीन एंड इम्युनाइजेशंस (गावी) के तहत कोवैक्स कार्यक्रम चलाया जा रहा है और सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (एसआइआइ) गावी के कोवैक्स कार्यक्रम के तहत विकासशील और कम विकसित देशों को वैक्सीन निर्यात करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस साल अप्रैल में भारत ने देश में वैक्सीन की किल्लत को देखते हुए इसके निर्यात पर रोक लगा दी थी और उस दौरान तक भारत 100 देशों को वैक्सीन की 6.6 करोड़ डोज का निर्यात कर चुका था।

इस सप्ताह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी क्वाड की बैठक में भाग लेने अमेरिका जा रहे हैं, जहां वैक्सीन के मसले पर चर्चा होगी। इस लिहाज से भारत के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


पाकिस्तान: नवाज की वापसी पर गृह मंत्री शेख रशीद का बड़ा बयान, कहा- 'बेमतलब की बातें'

पाकिस्तान: नवाज की वापसी पर गृह मंत्री शेख रशीद का बड़ा बयान, कहा- 'बेमतलब की बातें'

पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संभावित वापसी की अफवाहों के बीच, पाक के गृह मंत्री शेख रशीद अहमद ने बुधवार को बोला कि शरीफ के लौटने की बातें बेमतलब की हैं जो विपक्ष मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए कर रहा है.

एक न्यायालय ने शरीफ को करप्शन के मुद्दे में कारागार की सजा सुनाई थी जिसके बाद लाहौर हाई कोर्ट ने 2019 में उन्हें चिकित्सकीय आधार पर चार हफ्ते के लिए लंदन जाने की इजाजत दी थी.

हालांकि, लंदन जाने के बाद से शरीफ पाक नहीं लौटे हैं. उनकी पार्टी का बोलना है कि डॉक्टरों की सलाह पर 71 वर्षीय शरीफ देश वापस लौटेंगे. गृह मंत्री ने कहा, 'शरीफ के वापस आने को बेवजह तूल दिया जा रहा है.' रावलपिंडी में रशीद ने मीडिया से व्यंग्यात्मक लहजे में बोला कि शरीफ के लिए पाक लौटने का एक तरफ का टिकट देने का उनका प्रस्ताव आज भी है. उन्होंने यह भी बोला कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों ने अपनी ज्यादातर जीवन पाक में गुजारी वह देश को प्यार करने की बजाय उसे छोड़कर चले गए

सेना के साथ 'बेहतर' हुआ शरीफ का तालमेल पाकिस्तान में अगले आम चुनाव से पहले पीएमएल-एन सुप्रीमो और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संभावित वापसी की अफवाहों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है. पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ, जो पूर्व पीएम के भाई भी हैं, उन्होंने साफ तौर पर बोला कि नवाज शरीफ पूरी तरह से ठीक होने तक वापस नहीं आएंगे. नवाज शरीफ की वापसी की अटकलें ऐसे समय पर लगाई जा रही हैं जब बोला जा रहा है कि सेना के साथ उनका तालमेल फिर से ठीक हो गया है.


'नवाज शरीफ से हार गई नकली सरकार'शनिवार को जारी एक बयान में, शहबाज शरीफ ने बोला कि नवाज शरीफ ब्रिटेन में कानूनी रूप से तब तक रह सकते हैं जब तक कि ब्रिटिश गृह ऑफिस द्वारा वीजा बढ़ाने की अस्वीकृति के विरूद्ध उनकी अपील पर आव्रजन न्यायाधिकरण नियम नहीं बनाते. इस बीच, पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने एक ट्वीट में बोला , 'इस नकली सरकार ने नवाज शरीफ से अपनी हार स्वीकार कर ली है, जो पाक का वर्तमान और भविष्य है. एक बड़े व्यक्तित्व को निशाना बनाकर, एक पिग्मी का कद ऊंचा नहीं किया जा सकता है.'