अफगानिस्तान में तालिबानी हिंसा के कारण हजारों परिवार हुए विस्थापित

अफगानिस्तान में तालिबानी हिंसा के कारण हजारों परिवार हुए विस्थापित

अफगानिस्तान में सुरक्षा बलों और देश की जनता पर तालिबानियों का खतरा मंडराने लगा है। इसके मद्देनजर यहां से हजारों परिवार विस्थापित हो चुके हैं। अफगानिस्तान में असुरक्षा तथा हिंसा के कारण जनवरी से अब तक करीब 2,70,000 लोग विस्थापित हुए हैं। तालिबान लड़ाकों द्वारा देश में तेजी से कब्जा किया जा रहा है। वहीं युद्धग्रस्त देश अफगान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी पर सुरक्षा चिंताओं के बढ़ने पर अफगानिस्तान में मानवीय संकट की संभावना भी प्रबल हो गई है।

अमेरिका की बाइडन प्रशासन ने अप्रैल में ही कहा था कि इस साल के सितंबर तक वह अपनी सेना को वापस बुला लेगा। लेकिन अब एक माह पहले ही अगस्त के अंत तक अमेरिकी सैनिकों की वापसी पूरी हो जाएगी। इस बीच तालिबान ने देश के अधिकांश हिस्सों पर कब्जा जमा लिया है। टोलो न्यूज के अनुसार इन सब हालात के कारण अधिकांश विस्थापित लोग आवास और आधारभूत जरूरतों की तलाश में भटक रहे हैं। ऐसे में काबुल के एक मकान में पांच परिवार दिन बिताने को मजबूर हैं। ये सभी उत्तरी प्रांत के कुंदुज (Kunduz) में जारी तनाव के कारण विस्थापित हुए हैं। इनका कहना है कि मानवीय सहायता की इन्हें काफी जरूरत है।


कुंदुज निवासी जिबा ने कहा कि हालिया संघर्ष में इसने अपने कई बच्चों को खो दिया और यह चौथी बार है जब वो विस्थापित हुई है। जिबा ने बताया, 'हमने खुशियों वाले दिन नहीं देखे हमेशा तनाव भरे दिनों से ही सामना हुआ है।' संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संबंधी मामलों की एजेंसी के अनुसार अफगानिस्तान में असुरक्षा तथा हिंसा के कारण जनवरी से अब तक करीब 2,70,000 लोग विस्थापित हुए हैं। एजेंसी ने तालिबान लड़ाकों द्वारा बड़ी संख्या में क्षेत्रों पर तेजी से कब्जा करने और युद्धग्रस्त देश से अमेरिकी सैनिकों की वापसी पर सुरक्षा चिंताओं के बढ़ने पर अफगानिस्तान में एक आसन्न मानवीय संकट को लेकर आगाह किया।


अमेरिका में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामले, सामने आ रहे 83 प्रतिशत केस डेल्टा वैरिएंट के जुड़े

अमेरिका में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामले, सामने आ रहे 83 प्रतिशत केस डेल्टा वैरिएंट के जुड़े

अमेरिका में कोरोना महामारी के दौनिक मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। डेल्टा वैरिएंट को संक्रमण की मुख्य वजह बताई जा रही है। देश के जिन हिस्सों में टीकाकरण की रफ्तार कम है, उन हिस्सों से सबसे अधिक 90 प्रतिशत मामले मिल रहे हैं। व्हाइट हाउस के नए आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में कोविड के अस्पताल में भर्ती होने और मौतों में लगभग सभी 97 प्रतिशत मामले बिना टीकाकरण वाले लोगों के हैं। अमेरिका के कुल कोरोना संक्रमण मामलों में से 40 प्रतिशत मामले तीन राज्यों फ्लोरिडा, टेक्सास और मिसौरी से हैं।

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के निदेशक रोशेल वालेंस्की ने व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा डेल्टा वैरिएंट अपनी पूरी क्षमता से देश भर में फैल रहा है। अब अमेरिका में कोरोना वायरस फैलने के लिए 83 प्रतिशत से अधिक डेल्टा वैरिएंट जिम्मेदार है। रोशेल वालेंस्की ने डेल्टी वैरिएंट के प्रति लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आपको टीका नहीं लगाया गया है, तो कृपया आप लोग डेल्टा वैरिएंट को गंभीरता से लें। यह वैरिएंट हर वक्त कमजोर लोगों की तलाश में रहता है। उन्होंने डेल्टा वैरिएंट को सबसे संक्रामक श्वसन वायरस में से एक कहा, जिसे उन्हेोंने अपने 20 साल के करियर में देखा है।


अमेरिका में लोगों का अस्पतालों में भर्ती होना अभी भी जारी है और पिछले एक महीने से यहां कोरोना संक्रमण के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे है। देश में डेल्टा वैरिएंट के 80 प्रतिशत तक फैलने की भविष्यवाणी की गई है, जबकि अन्य तीनों - अल्फा, गामा और बीटा के कुल मामले 9 प्रतिशत से नीचे रहने की भविष्यवाणी की गई है। एक मीडिया आउटलेट के सर्वेक्षण में पाया गया कि अमेरिका में 45 प्रतिशत लोग टीकाकरण नहीं करना चाहते हैं। सर्वेक्षण से पता चला था कि 64 प्रतिशत अमेरिकी नागरिकों को विश्वास नहीं है कि टीके वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी हैं।


देश में 22 जुलाई तक 65 साल या उससे अधिक आयु के 89 प्रतिशत लोगों को टीके की कम से कम एक खुराक दी गई है और 80 प्रतिशत लोगों को पूरी तरह से टीका लगाए गए हैं। 18 साल या उससे अधिक आयु के लगभग 69 प्रतिशत लोगों को टीके की कम से कम एक खुराक दी गई है और 60 प्रतिशत लोगों को पूरी तरह से टीका लगाए जा चुके हैं। 12 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को 57 प्रतिशत पूरी तरह से टीका लगाया जा चुका है। देश में कोरोना से 610,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।