कम उम्र के बच्चों के लिए भी सुरक्षित पाई गई फाइजर की कोरोना वैक्सीन

कम उम्र के बच्चों के लिए भी सुरक्षित पाई गई फाइजर की कोरोना वैक्सीन

अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर की कोरोना रोधी वैक्सीन को पांच से 11 साल के बच्चों के लिए भी सुरक्षित और प्रभावी पाया गया गया है। कंपनी ने सोमवार को यह दावा करते हुए कहा कि इसके इस्तेमाल की मंजूरी के लिए वह जल्द ही अमेरिका और यूरोप समेत अन्य दवा नियामकों के पास इसके आंकड़े जमा कराएगी।

फाइजर ने जर्मन कंपनी बायोएनटेक के साथ मिलकर कोरोना रोधी वैक्सीन विकसित की है। अभी यह वैक्सीन 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों को लगाई जा रही है। फाइजर के मुताबिक परीक्षण के दौरान बच्चों को वयस्कों की तुलना में एक तिहाई डोज दी गई। बच्चों को 21 दिन के अंतराल पर उन्हें 10 माइक्रोग्राम की दो डोज दी गई। जबकि, 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों को 30 माइक्रोग्राम की डोज दी जाती है। यह परीक्षण केजी और प्राइमरी स्कूल आयुवर्ग के 2,268 बच्चों पर किया गया।

फाइजर के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डा. बिल ग्रुबर ने कहा कि दूसरी डोज के बाद पांच से 11 साल के बच्चों में कोरोना वायरस के खिलाफ किशोरों और वयस्कों जैसी ही मजबूत एंटीबाडी पाई गई। पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ डा. ग्रुबर ने बताया कि बच्चों के लिए यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित भी है। किशोरों की तरह ही बच्चों में हाथ में दर्द, बुखार और बेचैनी जैसे तात्कालिक प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिले। कंपनी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि वैक्सीन संबंधी इन आंकड़ों को जल्द ही अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए), यूरोपीयन मेडिसीन एजेंसी (ईएमए) और अन्य नियामकों के पास जमा कराया जाएगा।


द न्यूयार्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दो स्वास्थ्य विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि 5 से 11 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए कोविड टीके अक्टूबर के अंत तक उपलब्ध हो सकते हैं। इससे छोटे बच्चों के माता-पिता को राहत मिलेगी क्योंकि मौजूदा समय में कोरोना टीके केवल 12 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए उपलब्ध हैं। NYT की रिपोर्ट में कहा गया है कि वयस्कों की तुलना में कोविड से पीड़ित बच्चों में हल्के लक्षण या बिल्कुल भी नहीं होने की संभावना अधिक होती है। बच्चों में गंभीर बीमारी विकसित होने, अस्पताल में भर्ती होने या बीमारी से मरने की संभावना बहुत कम होती है।


पाकिस्तान: नवाज की वापसी पर गृह मंत्री शेख रशीद का बड़ा बयान, कहा- 'बेमतलब की बातें'

पाकिस्तान: नवाज की वापसी पर गृह मंत्री शेख रशीद का बड़ा बयान, कहा- 'बेमतलब की बातें'

पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संभावित वापसी की अफवाहों के बीच, पाक के गृह मंत्री शेख रशीद अहमद ने बुधवार को बोला कि शरीफ के लौटने की बातें बेमतलब की हैं जो विपक्ष मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए कर रहा है.

एक न्यायालय ने शरीफ को करप्शन के मुद्दे में कारागार की सजा सुनाई थी जिसके बाद लाहौर हाई कोर्ट ने 2019 में उन्हें चिकित्सकीय आधार पर चार हफ्ते के लिए लंदन जाने की इजाजत दी थी.

हालांकि, लंदन जाने के बाद से शरीफ पाक नहीं लौटे हैं. उनकी पार्टी का बोलना है कि डॉक्टरों की सलाह पर 71 वर्षीय शरीफ देश वापस लौटेंगे. गृह मंत्री ने कहा, 'शरीफ के वापस आने को बेवजह तूल दिया जा रहा है.' रावलपिंडी में रशीद ने मीडिया से व्यंग्यात्मक लहजे में बोला कि शरीफ के लिए पाक लौटने का एक तरफ का टिकट देने का उनका प्रस्ताव आज भी है. उन्होंने यह भी बोला कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों ने अपनी ज्यादातर जीवन पाक में गुजारी वह देश को प्यार करने की बजाय उसे छोड़कर चले गए

सेना के साथ 'बेहतर' हुआ शरीफ का तालमेल पाकिस्तान में अगले आम चुनाव से पहले पीएमएल-एन सुप्रीमो और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संभावित वापसी की अफवाहों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है. पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ, जो पूर्व पीएम के भाई भी हैं, उन्होंने साफ तौर पर बोला कि नवाज शरीफ पूरी तरह से ठीक होने तक वापस नहीं आएंगे. नवाज शरीफ की वापसी की अटकलें ऐसे समय पर लगाई जा रही हैं जब बोला जा रहा है कि सेना के साथ उनका तालमेल फिर से ठीक हो गया है.


'नवाज शरीफ से हार गई नकली सरकार'शनिवार को जारी एक बयान में, शहबाज शरीफ ने बोला कि नवाज शरीफ ब्रिटेन में कानूनी रूप से तब तक रह सकते हैं जब तक कि ब्रिटिश गृह ऑफिस द्वारा वीजा बढ़ाने की अस्वीकृति के विरूद्ध उनकी अपील पर आव्रजन न्यायाधिकरण नियम नहीं बनाते. इस बीच, पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने एक ट्वीट में बोला , 'इस नकली सरकार ने नवाज शरीफ से अपनी हार स्वीकार कर ली है, जो पाक का वर्तमान और भविष्य है. एक बड़े व्यक्तित्व को निशाना बनाकर, एक पिग्मी का कद ऊंचा नहीं किया जा सकता है.'