दक्षिण कोरिया में कोरोना के नए मामलों के पिछले सभी रिकॉर्ड हुए धराशायी

दक्षिण कोरिया में कोरोना के नए मामलों के पिछले सभी रिकॉर्ड हुए धराशायी

दक्षिण कोरिया में लगातार बढ़ रहे कोरोना के नए मामले सरकार के लिए चिंता का सबब बने हुए हैं। बीते 24 घंटों के दौरान यहां पर 1784 नए मामले सामने आए हैं, जो कि एक रिकॉर्ड है। देश के स्‍वास्‍थ्‍य आधिकारियों का कहना है कि सियोल के मेट्रोपोलिटिन एरिया में ये तेजी से फैल रहा है। कोरिया डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (केडीसीपी) एजेंसी के मुताबिक देश के अब कोरोना के कुल मामले बढ़कर 186265 हो गए हैं।

केडीसीपी ने कहा है कि पिछले वर्ष जनवरी में देश में जब इस महमारी की शुरुआत हुई है तब से ये पहली बार है कि जब इतने मामले एक दिन में सामने आए हैं। इससे पहले 14 जुलाई को 1614 मामले सामने आए थे।केडीसीपी का कहना है कि पिछले 15 दिनों से लगातार 15 दिनों से 1 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। 20 जुलाई 2021 को देश में 1278 मामले सामने आए थे। ताजा आंकड़ों में 500 से अधिक नए मामलों का इजाफा हुआ है। पिछले सप्‍ताह करीब 1479 की दर से देश में कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। देश में बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार पर इस बात का दबाव बढ़ रहा है कि ग्रेटर सिओल इलाके में लोगों पर कड़े प्रतिबंध लागू करवाए।


इसमें लोगों को कड़ाई से एक दूसरे से दूरी बनाए रखने के नियमों को कड़ाई से लागू करवाने की भी बात कही जा रही है। हालांकि यहां पर पहले से ही कई तरह के सख्‍त प्रतिबंध लागू हैं जो 25 जुलाई तक रहेंगे। लेकिन बढ़ते मामले बता रहे हैं कि लोग नियमों को ताक पर रखते हुए लापरवाही बरत रहे हैं। इसी वजह से देश में कोरोना के नए मामले चरम पर पहुंचे हैं। सरकार के मुताबिक सिओल और गियोंगी प्रांत के आसपास के इलाकों में बड़ी तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। सिओल में जहां 599 नए मामले सामने आए हैं वहीं गियोंगी में 450 नए मामले सामने आए हैं।


सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक 58 मामले बाहर से यहां आए हैं। बीते 24 घंटों के दौरान यहां पर 1 मरीज की मौत हुई है, जिसके बाद यहां मौतों का आंकड़ा 2060 हो गया है। यहां पर कोरोना से हुई मौतों की दर करीब 1.13 फीसद है। बीते 24 घंटों के दौरान 1287 मरीजों को डिस्‍चार्ज किया गया है। इसके बाद यहां पर ठीक होने वाले मरीजों की संख्‍या 161634 हो गई है। यहां पर रिकवरी रेट की बात करें तो ये 88.68 फीसद है। देश में महामारी के खिलाफ जब से टीकाकरण शुरू किया गया है तब से अब तक करीब 16442892 लोगों को वैक्‍सीन दी जा चुकी है। 6684839 लोगों को वैक्‍सीन की दोनों खुराक दी जा चुकी हैं। यहां पर 26 जनवरी 2021 को इस वैक्‍सीनेशन की शुरुआत हुई थी।


अमेरिका में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामले, सामने आ रहे 83 प्रतिशत केस डेल्टा वैरिएंट के जुड़े

अमेरिका में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामले, सामने आ रहे 83 प्रतिशत केस डेल्टा वैरिएंट के जुड़े

अमेरिका में कोरोना महामारी के दौनिक मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। डेल्टा वैरिएंट को संक्रमण की मुख्य वजह बताई जा रही है। देश के जिन हिस्सों में टीकाकरण की रफ्तार कम है, उन हिस्सों से सबसे अधिक 90 प्रतिशत मामले मिल रहे हैं। व्हाइट हाउस के नए आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में कोविड के अस्पताल में भर्ती होने और मौतों में लगभग सभी 97 प्रतिशत मामले बिना टीकाकरण वाले लोगों के हैं। अमेरिका के कुल कोरोना संक्रमण मामलों में से 40 प्रतिशत मामले तीन राज्यों फ्लोरिडा, टेक्सास और मिसौरी से हैं।

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के निदेशक रोशेल वालेंस्की ने व्हाइट हाउस ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा डेल्टा वैरिएंट अपनी पूरी क्षमता से देश भर में फैल रहा है। अब अमेरिका में कोरोना वायरस फैलने के लिए 83 प्रतिशत से अधिक डेल्टा वैरिएंट जिम्मेदार है। रोशेल वालेंस्की ने डेल्टी वैरिएंट के प्रति लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आपको टीका नहीं लगाया गया है, तो कृपया आप लोग डेल्टा वैरिएंट को गंभीरता से लें। यह वैरिएंट हर वक्त कमजोर लोगों की तलाश में रहता है। उन्होंने डेल्टा वैरिएंट को सबसे संक्रामक श्वसन वायरस में से एक कहा, जिसे उन्हेोंने अपने 20 साल के करियर में देखा है।


अमेरिका में लोगों का अस्पतालों में भर्ती होना अभी भी जारी है और पिछले एक महीने से यहां कोरोना संक्रमण के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे है। देश में डेल्टा वैरिएंट के 80 प्रतिशत तक फैलने की भविष्यवाणी की गई है, जबकि अन्य तीनों - अल्फा, गामा और बीटा के कुल मामले 9 प्रतिशत से नीचे रहने की भविष्यवाणी की गई है। एक मीडिया आउटलेट के सर्वेक्षण में पाया गया कि अमेरिका में 45 प्रतिशत लोग टीकाकरण नहीं करना चाहते हैं। सर्वेक्षण से पता चला था कि 64 प्रतिशत अमेरिकी नागरिकों को विश्वास नहीं है कि टीके वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी हैं।


देश में 22 जुलाई तक 65 साल या उससे अधिक आयु के 89 प्रतिशत लोगों को टीके की कम से कम एक खुराक दी गई है और 80 प्रतिशत लोगों को पूरी तरह से टीका लगाए गए हैं। 18 साल या उससे अधिक आयु के लगभग 69 प्रतिशत लोगों को टीके की कम से कम एक खुराक दी गई है और 60 प्रतिशत लोगों को पूरी तरह से टीका लगाए जा चुके हैं। 12 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को 57 प्रतिशत पूरी तरह से टीका लगाया जा चुका है। देश में कोरोना से 610,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।