भारत-अमेरिका के मधुर संबंध, 21 महीने में 5 बार हुई बाइडन और मोदी की बातचीत

भारत-अमेरिका के मधुर संबंध, 21 महीने में 5 बार हुई बाइडन और मोदी की बातचीत

24 सितंबर को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दुनिया के सबसे शक्तिशाली राष्‍ट्रपति जो बाइडन आमने-सामने होंगे। दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात होगी। भारत और अमेरिका के मधुर संबंधों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया में कोरोना महामारी के बावजूद दोनों देशों के शीर्ष नेता कैसे एक दूसरे के संपर्क में रहे। अमेर‍िकी राष्‍ट्रपति बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी और बाइडन की 2 बार वर्चुअल मीटिंग्‍स और 3 बार फोन पर वार्ता हो चुकी है। आखिर इन वार्ताओं में दोनों नेताओं ने किन व‍िषयों पर वार्ता की। क्‍या थे अहम एजेंडा।

वर्चुअल और फोन वार्ता का एजेंडा 

17 नवंबर, 2020: प्रधानमंत्री मोदी और बाइडन के बीच पहली वार्ता फोन पर हुई थी। इस दौरान मोदी ने बाइडन को राष्‍ट्रपति चुनाव में जीत की बधाई दी थी। दोनों नेताओं के बीच फोन पर यह पहला संवाद था। बाइडन ने भारत के साथ मधुर संबंध कायम रखने का आश्‍वासन दिया था। बाइडन की जीत के बाद यह पहला फोन था। हालांकि, उस वक्‍त बाइडन ने राष्‍ट्रपति पद की शपथ नहीं ली थी।


08 फरवरी, 2020: प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन की दोबारा फोन पर बातचीत हुई। मोदी ने इसकी जानकारी ट्वीट पर दी थी। दोनों नेताओं ने इस दौरान कोरोना महामारी के अलावा क्षेत्रीय मुद्दों से लेकर इंडो-पैसफिक, जलवायु परिवर्तन समेत कई अहम विषयों पर चर्चा की थी।। इंडो-पैसफिक क्षेत्र और उससे आगे की शांति और सुरक्षा के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए अमेरिका ने अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया था। बाइडन ने 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी, इसके बाद मोदी की बाइडन से यह पहली बातचीत थी।


26 अप्रैल, 2021 : मोदी की बाइडन से फोन पर तीसरी बार वार्ता हुई थी। पीएम मोदी ने बाइडन से फोन पर वार्ता की थी। उस वक्‍त भारत में कोरोना महामारी चरम पर थी। देश में 24 घंटे के भीतर 3.24 लाख नए केस सामने आए थे। उस दौरान दोनों नेताओं ने देश में उत्‍पन्‍न कोरोना संकट पर विस्‍तार से चर्चा की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि बाइडन के साथ एक उपयोगी चर्चा हुई। इस दौरान वैक्‍सीन के लिए कच्‍चे माल और दवाओं की आपूर्ति को लेकर वार्ता हुई थी। 

12 मार्च, 2021: क्वाड नेताओं का पहला वर्चुअल शिखर सम्मेलन हुआ था। पहली बार क्वाड नेताओं ने वर्चुअल बैठक हुई थी। डिजिटल माध्यम से होने वाले इस सम्मेलन में पीएम मोदी के साथ जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा, आस्ट्रेलिया के पीएम स्काट मारिसन और अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडन शामिल हुए थे। इस सम्मेलन में क्वाड नेताओं ने साझा हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की थी। एक मुक्त, खुला और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र तैयार करने के लिए सहयोग के व्यावहारिक क्षेत्रों को लेकर विचार साझा किए गए थे। चारों नेताओं ने कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में जारी प्रयासों पर भी चर्चा की थी। 


22 अप्रैल, 2021: जलवायु शिखर सम्‍मेलन को लेकर पीएम मोदी और राष्‍ट्रपति बाइडन की 5वीं बार हुई वार्ता। मोदी और बाइडन के बीच यह वर्चुअल बैठक थी। इस बैठक में पहली बार अमेरिका के घोर विरोधी चीन और रूस भी शामिल हुए थे। इस बैठक में पाकिस्‍तान को आमंत्रित नहीं किया गया था। इस शिखर सम्‍मेलन में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन ने मोदी समेत 40 देश के नेताओं को आमंत्रित किया था। यह बैठक जलवायु परिवर्तन के लिहाज से काफी उपयोगी साबित हुई थी। इस समारोह के जरिए अमेरिका जीवाश्‍म ईंधन से होने वाले जलवायु प्रदूषण को कम करने के साथ क्‍लाइमेट चेंच से उत्‍पन्‍न वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों और उसके प्रभाव पर चर्चा हुई थी। 


सितंबर, 2019 में आखिरी बार अमेरिका दौरे पर गए थे मोदी

कोरोना महामारी के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर, 2019 में आखिरी बार अमेरिका दौरे पर गए थे। उस वक्‍त अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप थे। ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री ने हाउडी मोदी प्रोग्राम में हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम में मोदी और ट्रंप की दोस्‍ती सुर्खियों में रही। ट्रंप ने कई बार सार्वजनिक तौर पर मोदी को अपना गहरा दोस्‍त बताया था। दोनों नेताओं की दोस्‍ती काफी रंग लाई। इसके बाद दुनिया में कोरोना महामारी का दौर शुरू हुआ। मोदी ने इस दौरान सिर्फ मार्च, 2021 में बांग्लादेश का दौरा किया था।


क्‍या है PM मोदी का कार्यक्रम

प्रधानमंत्री मोदी और बाइडन 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में मुलाकात करेंगे। व्हाइट हाउस ने सोमवार देर रात इस हफ्ते होने वाली मुलाकात की पुष्टि कर दी। बयान में कहा गया है कि 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में राष्‍ट्रपति बाइडन भारत के प्रधानमंत्री को होस्ट करेंगे। हम चाहते हैं कि दोनों देशों के रिश्ते और ज्यादा मजबूत हों। पीएम मोदी 23 सितंबर को उप राष्‍ट्रपति कमला हैरिस से भी मुलाकात करेंगे। सोमवार को व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति बाइडन का साप्ताहिक कार्यक्रम भी घोषित किया। इसमें प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात का जिक्र है।


पाकिस्तान: नवाज की वापसी पर गृह मंत्री शेख रशीद का बड़ा बयान, कहा- 'बेमतलब की बातें'

पाकिस्तान: नवाज की वापसी पर गृह मंत्री शेख रशीद का बड़ा बयान, कहा- 'बेमतलब की बातें'

पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संभावित वापसी की अफवाहों के बीच, पाक के गृह मंत्री शेख रशीद अहमद ने बुधवार को बोला कि शरीफ के लौटने की बातें बेमतलब की हैं जो विपक्ष मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए कर रहा है.

एक न्यायालय ने शरीफ को करप्शन के मुद्दे में कारागार की सजा सुनाई थी जिसके बाद लाहौर हाई कोर्ट ने 2019 में उन्हें चिकित्सकीय आधार पर चार हफ्ते के लिए लंदन जाने की इजाजत दी थी.

हालांकि, लंदन जाने के बाद से शरीफ पाक नहीं लौटे हैं. उनकी पार्टी का बोलना है कि डॉक्टरों की सलाह पर 71 वर्षीय शरीफ देश वापस लौटेंगे. गृह मंत्री ने कहा, 'शरीफ के वापस आने को बेवजह तूल दिया जा रहा है.' रावलपिंडी में रशीद ने मीडिया से व्यंग्यात्मक लहजे में बोला कि शरीफ के लिए पाक लौटने का एक तरफ का टिकट देने का उनका प्रस्ताव आज भी है. उन्होंने यह भी बोला कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों ने अपनी ज्यादातर जीवन पाक में गुजारी वह देश को प्यार करने की बजाय उसे छोड़कर चले गए

सेना के साथ 'बेहतर' हुआ शरीफ का तालमेल पाकिस्तान में अगले आम चुनाव से पहले पीएमएल-एन सुप्रीमो और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संभावित वापसी की अफवाहों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है. पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ, जो पूर्व पीएम के भाई भी हैं, उन्होंने साफ तौर पर बोला कि नवाज शरीफ पूरी तरह से ठीक होने तक वापस नहीं आएंगे. नवाज शरीफ की वापसी की अटकलें ऐसे समय पर लगाई जा रही हैं जब बोला जा रहा है कि सेना के साथ उनका तालमेल फिर से ठीक हो गया है.


'नवाज शरीफ से हार गई नकली सरकार'शनिवार को जारी एक बयान में, शहबाज शरीफ ने बोला कि नवाज शरीफ ब्रिटेन में कानूनी रूप से तब तक रह सकते हैं जब तक कि ब्रिटिश गृह ऑफिस द्वारा वीजा बढ़ाने की अस्वीकृति के विरूद्ध उनकी अपील पर आव्रजन न्यायाधिकरण नियम नहीं बनाते. इस बीच, पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने एक ट्वीट में बोला , 'इस नकली सरकार ने नवाज शरीफ से अपनी हार स्वीकार कर ली है, जो पाक का वर्तमान और भविष्य है. एक बड़े व्यक्तित्व को निशाना बनाकर, एक पिग्मी का कद ऊंचा नहीं किया जा सकता है.'