नवंबर से अमेरिका में एंट्री के लिए वैक्सीन जरूरी, बाइडन ने घोषित की नई अंतरराष्ट्रीय यात्रा नीति

नवंबर से अमेरिका में एंट्री के लिए वैक्सीन जरूरी, बाइडन ने घोषित की नई अंतरराष्ट्रीय यात्रा नीति

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन कोरोना महामारी के चलते विदेशी नागरिकों के देश में प्रवेश पर लगी पाबंदी में नवंबर से छूट देने जा रहे हैं। नवंबर से कोरोना रोधी टीके की पूरी डोज लेने वाले लोगों को अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति होगी। कोरोना मामलों पर व्हाइट हाउस के समन्वयक जेफ जेंट्स ने कहा कि विदेशी नागरिकों को विमान में सवार होने से पहले पूर्ण टीकाकरण के साथ ही साथ तीन पहले की निगेटिव कोरोना जांच रिपोर्ट दिखानी होगी।

जेंट्स ने विदेशी नागरिकों के लिए अमेरिका की यात्रा को लेकर सोमवार को नई नीति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाइडन प्रशासन ने बिना टीका लगवाए लौटने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए भी जांच के नियम सख्त किए हैं। ऐसे लोगों को यात्रा शुरू करने से एक दिन पहले और अमेरिकी पहुंचने के एक दिन के भीतर कोरोना जांच करानी होगी। पूर्ण टीकाकरण वाले लोगों को क्वारंटाइन में रहने की जरूरत नहीं होगी। कोरोना महामारी के बाद अमेरिका ने पिछले साल की शुरुआत में विदेशी नागरिकों के आने पर पाबंदी लगा दी थी। इसकी शुरुआत चीनी नागरिकों के साथ हुई थी, जिसके बाद भारत और ब्रिटेन समेत अन्य कई देशों के नागरिकों भी इसके दायरे में लाया गया था।


जेंट्स ने कहा कि एयरलाइंस को यात्रियों से उनके फोन नंबर और अन्य जानकारी भी लेने को कहा जाएगा, ताकि संक्रमण का पता चलने पर उनसे आसानी से संपर्क किया जा सके। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि कोनी सी वैक्सीन लगवाने वाले लोगों को आने की छूट दी जाएगी। जेंट्स ने कहा कि नवंबर से पहले इसके बारे में रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) द्वारा फैसला ले लिया जाएगा। उन्होंने यह कि नई नीति को नवंबर से लागू किया जाएगा, ताकि उससे पहले एयरलाइंस और यात्रा से जुड़ी अन्य एजेंसियों को नए नियमों के मुताबिक प्रोटोकाल लागू करने का वक्त मिल सके।


पाकिस्तान: नवाज की वापसी पर गृह मंत्री शेख रशीद का बड़ा बयान, कहा- 'बेमतलब की बातें'

पाकिस्तान: नवाज की वापसी पर गृह मंत्री शेख रशीद का बड़ा बयान, कहा- 'बेमतलब की बातें'

पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संभावित वापसी की अफवाहों के बीच, पाक के गृह मंत्री शेख रशीद अहमद ने बुधवार को बोला कि शरीफ के लौटने की बातें बेमतलब की हैं जो विपक्ष मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए कर रहा है.

एक न्यायालय ने शरीफ को करप्शन के मुद्दे में कारागार की सजा सुनाई थी जिसके बाद लाहौर हाई कोर्ट ने 2019 में उन्हें चिकित्सकीय आधार पर चार हफ्ते के लिए लंदन जाने की इजाजत दी थी.

हालांकि, लंदन जाने के बाद से शरीफ पाक नहीं लौटे हैं. उनकी पार्टी का बोलना है कि डॉक्टरों की सलाह पर 71 वर्षीय शरीफ देश वापस लौटेंगे. गृह मंत्री ने कहा, 'शरीफ के वापस आने को बेवजह तूल दिया जा रहा है.' रावलपिंडी में रशीद ने मीडिया से व्यंग्यात्मक लहजे में बोला कि शरीफ के लिए पाक लौटने का एक तरफ का टिकट देने का उनका प्रस्ताव आज भी है. उन्होंने यह भी बोला कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों ने अपनी ज्यादातर जीवन पाक में गुजारी वह देश को प्यार करने की बजाय उसे छोड़कर चले गए

सेना के साथ 'बेहतर' हुआ शरीफ का तालमेल पाकिस्तान में अगले आम चुनाव से पहले पीएमएल-एन सुप्रीमो और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की संभावित वापसी की अफवाहों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है. पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ, जो पूर्व पीएम के भाई भी हैं, उन्होंने साफ तौर पर बोला कि नवाज शरीफ पूरी तरह से ठीक होने तक वापस नहीं आएंगे. नवाज शरीफ की वापसी की अटकलें ऐसे समय पर लगाई जा रही हैं जब बोला जा रहा है कि सेना के साथ उनका तालमेल फिर से ठीक हो गया है.


'नवाज शरीफ से हार गई नकली सरकार'शनिवार को जारी एक बयान में, शहबाज शरीफ ने बोला कि नवाज शरीफ ब्रिटेन में कानूनी रूप से तब तक रह सकते हैं जब तक कि ब्रिटिश गृह ऑफिस द्वारा वीजा बढ़ाने की अस्वीकृति के विरूद्ध उनकी अपील पर आव्रजन न्यायाधिकरण नियम नहीं बनाते. इस बीच, पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने एक ट्वीट में बोला , 'इस नकली सरकार ने नवाज शरीफ से अपनी हार स्वीकार कर ली है, जो पाक का वर्तमान और भविष्य है. एक बड़े व्यक्तित्व को निशाना बनाकर, एक पिग्मी का कद ऊंचा नहीं किया जा सकता है.'