पीरियड्स में लड़कियों से भूलकर भी न कहें ये 5 बातें

पीरियड्स में लड़कियों से भूलकर भी न कहें ये 5 बातें

महिलाओं में माहवारी उनके जीवन का एक हिस्सा है। इस दौरान महिलाओं का मूड स्विंग होता रहता है। वहीं ऐसी कई बातें हैं जो उन दिनों में नहीं करनी चाहिए। उन दिनों में महिलाओं का मिजाज अलग होता है। पहले की अपेक्षा अब पुरुषों में बदलाव हो रहा है, लेकिन आज भी ऐसे बहुत से सवाल हैं, जो महिलाओं से पुरुषों को उनके उन दिनों में कभी नहीं कहना चाहिए। ऐसी बातें उन्हें तकलीफ देती हैं।

लड़कियों से भूलकर भी न कहें ये 5 बातें:

क्या तुम्हें दर्द है? : ऐसा नहीं है कि हर लड़की और महिला को पीरियड्स में दर्द होता ही है। कुछ लोगों को दर्द होता है और कुछ को नहीं। ऐसे में उनके मुंह पर ये सवाल करना उचित नहीं है।

क्या तुम किसी को मारना चाहती हो?: आपका मजाक में भी उनसे से सवाल जायज नहीं है। ये वो समय नहीं है, जब वो हिंसात्मक हो जाती है। वो कोई अपराधी नहीं है, जो लोगों को मारते फिरेगी।

हर महीने पीरियड आता है?: हर माह लड़कियों को पीरियड्स होता है। इसमें कुछ हैरानी वाली बात नहीं है। ये सवाल कभी मत पूछें। आप कोई बच्चे नहीं हैं, जो महिलाओं के पीरियड्स के बारे में नहीं जानते है।

तुम्हें सफेद कपड़े नहीं पहनने चाहिए: उसे ब्लीडिंग हो रही है, इसका ये मतलब नहीं कि उन दिनों में वो सफेद नहीं पहन सकती है। उन दिनों में उसे ये कहना कि तुम सफेद कपड़े नहीं पहन सकती, दुखभरी बात है।


गर्भावस्था में थायराइड का रखें विशेष ध्यान, महिलाएं जरूर जानें ये बात

गर्भावस्था में थायराइड का रखें विशेष ध्यान, महिलाएं जरूर जानें ये बात

अक्सर हाइपोथायरोडिज्म अधिकतर महिलाओं को होता है, जिसमें थायराइड ग्लैंड उचित मात्रा में हर्मोन नहीं बना पाता है। ये एक आम बीमारी है और आजकल भारत में 10 में से 1 के लिए ये रिस्क बना हुआ है। जिसमें प्रेग्नेंट महिला 13 प्रतिशत से 44 प्रतिशत प्रभावित है। थायराइड में डिसऔर्डर माँ और बच्चा दोनों के लिए घातक होती है।

थायराइड का रखें विशेष ध्यान:

महिलाओं की हाइपोथायराडिज्म होता है,जिसमें थायराड ग्लैंड उचित मात्रा में हर्मोन नहीं बनाता, ऐसे में सही समय में इसका इलाज करना जरुरी है ,क्योंकि इसका सौ प्रतिशत इलाज संभव है। इससे पीड़ित महिलाओं में अनियमित माहवारी और गर्भधारण करने में मुश्किल महसूस होती है।

इसलिए गर्भधारण के तुरंत बाद टीएसएच की जांच करवा लेनी चाहिए,क्योंकि इसका प्रारंभिक लक्षण बहुत अधिक दिखाई नहीं पड़ता, इसलिए महिलाएं इसे नजरअंदाज करती है।

इसके शुरूआती लक्षणों में चेहरे पर सूजन, त्वचा में सिकुडन, ठंड सहन न कर पाना, अचानक तेजी से वजन का बढ़ना, कब्ज की परेशानी, मांस पेशियों में ऐठन आदि है। ऐसा महसूस होते ही तुरंत डॉक्टर से मिलकर थायराइड स्क्रीनिंग अवश्य करवाएं।