महिलाओं के लिए खतरनाक साबित हो सकता हैं एलोवेरा का सेवन

महिलाओं के लिए खतरनाक साबित हो सकता हैं एलोवेरा का सेवन

अक्सर चेहरे को निखारने के लिए लोग एलोवेरा का ही इस्तेमाल करते हैं। इसके अनेक फायदे है मगर क्या कभी आपने इसके साइड इफेक्ट के बारे में सोचा है। एलोवेरा का उपयोग सामान्य तौर पर मुहांसो, ड्राई स्किन, स्ट्रेच मार्क्स, जलने पर या फिर चेहरे के दाग धब्बों को दूर करने के लिए किया जाता है।

हो सकते है ये नुकसान:

यदि एलोवेरा का जरूरत से अधिक या गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है तो इससे शरीर का पोटैशियम स्तर घट जाता है, जिससे दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है।

इसके अधिक सेवन से डायरिया भी हो सकता है। एलोवेरा में लैक्सेटिव एंथ्राक्विनोन आदि तत्व मौजूद होते है, जिस कारण डायरिया हो जाता है।

गर्भवती स्त्री के एलोवेरा के सेवन से गर्भपात की संभावना बढ़ जाती है। एलोवेरा में मौजूद लैक्सेटिव बॉडी में दवाओं को अवशोषित होने से भी रोक सकता है।


गर्भावस्था में थायराइड का रखें विशेष ध्यान, महिलाएं जरूर जानें ये बात

गर्भावस्था में थायराइड का रखें विशेष ध्यान, महिलाएं जरूर जानें ये बात

अक्सर हाइपोथायरोडिज्म अधिकतर महिलाओं को होता है, जिसमें थायराइड ग्लैंड उचित मात्रा में हर्मोन नहीं बना पाता है। ये एक आम बीमारी है और आजकल भारत में 10 में से 1 के लिए ये रिस्क बना हुआ है। जिसमें प्रेग्नेंट महिला 13 प्रतिशत से 44 प्रतिशत प्रभावित है। थायराइड में डिसऔर्डर माँ और बच्चा दोनों के लिए घातक होती है।

थायराइड का रखें विशेष ध्यान:

महिलाओं की हाइपोथायराडिज्म होता है,जिसमें थायराड ग्लैंड उचित मात्रा में हर्मोन नहीं बनाता, ऐसे में सही समय में इसका इलाज करना जरुरी है ,क्योंकि इसका सौ प्रतिशत इलाज संभव है। इससे पीड़ित महिलाओं में अनियमित माहवारी और गर्भधारण करने में मुश्किल महसूस होती है।

इसलिए गर्भधारण के तुरंत बाद टीएसएच की जांच करवा लेनी चाहिए,क्योंकि इसका प्रारंभिक लक्षण बहुत अधिक दिखाई नहीं पड़ता, इसलिए महिलाएं इसे नजरअंदाज करती है।

इसके शुरूआती लक्षणों में चेहरे पर सूजन, त्वचा में सिकुडन, ठंड सहन न कर पाना, अचानक तेजी से वजन का बढ़ना, कब्ज की परेशानी, मांस पेशियों में ऐठन आदि है। ऐसा महसूस होते ही तुरंत डॉक्टर से मिलकर थायराइड स्क्रीनिंग अवश्य करवाएं।