अल्जाइमर के मरीज जरूर रखे इन 5 बातों का ख्याल

अल्जाइमर के मरीज जरूर रखे इन 5 बातों का ख्याल

क्या आपके परिवार में कोई अल्जाइमर से जूझ रहा है? अगर आप ऐसे हालातों में उनका ध्यान रखते हैं, तो समझें कि आपने आधी जंग जीत ली है. अल्जाइमर सिर्फ इससे पीड़ित लोगों के लिए ही नहीं बल्कि मरीजों का ध्यान रख रहे लोगों के लिए भी कठिन होता है. नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) के अनुसार प्रोटीन के असाधारण संचयन व दिमाग के सेल के आसपास अनियंत्रित गतिविधियों की वजह से होता है. ‘एमलोएड’ नाम का प्रोटीन जमकर ब्रेन सेल्स के आसपास टुकड़े बनना प्रारम्भ हो जाता है. वहीं, अल्जाइमर के लिए ताउ नाम का प्रोटीन भी उत्तरदायी है. सबसे खास बात यह है कि एनएचएस के मुताबिक अल्जाइमर का ठीक कारण अभी तक ढूंढ़ा ही नहीं जा सका है. ऐसे में अगर आपका कोई करीबी या परिवार का मेम्बर अल्जाइमर से पीड़ित हैं, तो आप इन उपायों से उनका ध्यान रख सकते हैं-


सहानुभूति रखें
डिमेंशिया के शिकार लोग छोटी-छोटी बातों में कंफ्यूज रहते हैं. ऐसे लोगों की तरफ सहानुभूति व अपनेपन की जरुरत होती है.

वास्तविकता रखें
डिमेंशिया के मरीजों के पास अच्छे व बुरे दोनों दिन होते हैं. ऐसे में इन लोगों का ध्यान रखने के लिए आपको उन्हें याद दिलाते रहना होगा कि सच में उनका ज़िंदगी बेहतर है.

धैर्य रखें
डिमेंशिया से पीड़ित लोगों के व्यक्तित्व में अक्सर कई परिवर्तन देखने को मिलते हैं. उनका व्यवहार व मूड स्विंग बदलते रहते हैं. ऐसे में अपने मन को शांत रखते हुए आपको उनके व्यवहार को समझना चाहिए.

भविष्य की योजनाओं के लिए तैयार रहें
आपको इस बात के लिए तैयार रहना चाहिए कि बहुत ध्यान रखने के बाद भी आपको मरीज के लिए प्रोफेशनल हेल्प की जरुरत पड़ सकती है. ऐसे में आर्थिक योजनाओं के साथ कई छोटी-बड़ी प्लानिंग करके रखें.

सहारा बनें
आप अल्जाइमर के मरीज के साथ खड़े हैं, इस बात पर बिल्कुल भी शर्मिदा न हो. साथ ही आपको इन हालातों से जूझ रहे मरीज का सहारा बनना है.