भारतीय Startups का दुनिया में बजेगा डंका

भारतीय Startups का दुनिया में बजेगा डंका

डिजिटल स्टार्टअप थिंकटैंक एडीआईएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि संस्था ने भारतीय स्टार्टअप परिवेश को 2030 तक वैश्विक स्तर पर शीर्ष तीन में शामिल करने के लिए एक योजना तैयार की है। इसके लिए ज्ञान का आधार बढ़ाने, सहयोग में वृद्धि और सही नीतिगत ढांचे की स्थापना पर जोर दिया जाएगा।

Google से करेंगे बात

एलायंस ऑफ डिजिटल इंडिया फाउंडेशन (एडीआईएफ) के कार्यकारी निदेशक सिजो कुरुविला जॉर्ज ने बताया कि स्टार्टअप को गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर के साथ जिन मुद्दों का सामना करना पड़ता है, उस पर बातचीत करके दोनों पक्षों के लिए उपयुक्त रास्ते का पता लगाया जा सकता है।

तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप बाजार

उन्होंने कहा कि अब हम वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप बाजार हैं और हमारे यहां 50 यूनिकॉर्न स्टार्टअप हैं। हम सिर्फ अमेरिका (122) और चीन (92) से पीछे हैं। हम आकार के मामले में तीसरे सबसे बड़े हैं, लेकिन भारतीय स्टार्टअप परिवेश रैंकिंग के मामले में 20वें स्थान पर है।

हम आकार में तीसरे सबसे बड़े

जार्ज ने कहा कि अगर हम आकार में तीसरे सबसे बड़े हैं, तो हमें रैंकिंग के मामले में भी कम से कम तीसरे स्थान पर रहने का लक्ष्य तय करना चाहिए। हमारा लक्ष्य भारतीय स्टार्टअप परिवेश को वर्ष 2030 तक विश्व स्तर पर शीर्ष तीन में लाना है।

एक गठबंधन बनाने पर विचार

उन्होंने कहा कि एडीआईएफ आने वाले दिनों में एक गठबंधन बनाने पर विचार करेगा, जहां बहुत सारा ज्ञान साझा किया जा सकता है। जॉर्ज ने कहा कि एडीआईएफ में हम इस ज्ञान को संकलित करेंगे और इसे अपने युवा उद्यमियों तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा स्टार्टअप के अनुकूल नीतियां तैयार करने के लिए पैरोकारी करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।


निर्यात में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी, जुलाई के शुरुआती तीन सप्ताह में 45 फीसद की बढ़ोतरी

निर्यात में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी, जुलाई के शुरुआती तीन सप्ताह में 45 फीसद की बढ़ोतरी

चालू वित्त वर्ष में निर्यात में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। जुलाई के शुरुआती तीन सप्ताह में वस्तुओं के निर्यात में पिछले वर्ष समान अवधि के मुकाबले 45.13 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वर्ष 2019 की समान अवधि के मुकाबले यह बढ़ोतरी 25.42 फीसद की है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून, 2021) में 95.39 अरब डालर का निर्यात किया गया जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 85 फीसद और वर्ष 2019 की समान अवधि के मुकाबले 17.90 फीसद अधिक है।

पिछले वर्ष अप्रैल-जून में 51.32 अरब डालर का निर्यात किया गया, जो वर्ष 2019 के अप्रैल-जून में 80.91 अरब डालर का था। कोरोना की दूसरी लहर के बावजूद अप्रैल से वस्तुओं के निर्यात में दहाई अंकों की बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है।वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक इस वर्ष जुलाई के शुरुआती तीन सप्ताह (21 जुलाई तक) में 22.48 अरब डालर का निर्यात किया गया जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 15.49 अरब डालर का था। वर्ष 2019 के जुलाई के शुरुआती तीन सप्ताह में 17.92 अरब डालर का निर्यात हुआ था।

इस वर्ष समीक्षाधीन अवधि में आयात में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 64.82 फीसद बढ़कर 31.77 अरब डालर पर पहुंच गया। वर्ष 2019 की समान अवधि में 25.77 अरब डालर का आयात किया गया था। वहीं, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही का आयात पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के मुकाबले 108 फीसद बढ़कर 126.15 अरब डालर हो गया। चालू वित्त में तेजी को देखते हुए वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय ने 400 अरब डालर के निर्यात का लक्ष्य रखा है।