अंबा के छूटे मोहल्लों को टाउन फीडर से जोड़ने की कवायद शुरू

अंबा के छूटे मोहल्लों को टाउन फीडर से जोड़ने की कवायद शुरू

अंबा की छुट्टे में मोहल्लों को जल्द ही टाउन फीडर से जोड़ दिया जाएगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। सोमवार को अंबा के उपभोक्ताओं का एक शिष्टमंडल जब विभाग के प्रोजेक्ट कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार सिंह से मिल कर अपनी बातें रखी। उन्होंने त्वरित पहल करते हुए सहायक अभियंता राजेश कुमार को तत्काल आवश्यक प्रक्रिया करने का निर्देश दिया।

सहायक अभियंता ने कैब कौन कंपनी के इंजीनियर विकास कुमार एवं दिनेश यादव को तुरंत अंबा जाकर सर्वे करने को कहा। कंपनी से जुड़े अधिकारियों ने अंबा पहुंच कर बारी बारी से छूटे हुए सभी ट्रांसफार्मरों का सर्वे किया। सर्वे का कार्य जनता कॉलेज मोड़ से शुरू की गई। इसके बाद हाई स्कूल के समीप पीएचडी कार्यालय की गली में एवं चिल्हकी मोड़ ट्रांसफार्मर का सर्वे किया गया। सर्वे से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि पीएचइडी कार्यालय के गली में स्थित ट्रांसफार्मर को छोड़कर अन्य सभी ट्रांसफार्मर को दो दिनों के बाद काम फीडर से जोड़ने का काम शुरू कर दिया जाएगा।


पीएचडी कार्यालय के समीप गली में लगे ट्रांसफार्मर में तकनीकी समस्या आने के कारण तत्काल कॉन्फ़िगर से नहीं जोड़ा जा सकता है इस मौके पर कांट्रेक्टर अनिल सिंह, शक्ति सिंह, प्रवीण कुमार, दिलीप गुप्ता, प्रमोद यादव, डा. लव कुमार वर्मा, राजू गुप्ता, पवन शर्मा, सुनील सिंह, रंजीत गुप्ता आदि थे।


बिहार को मिली 350 एंबुलेंस और 50 नई सीएनजी बसों की सौगात, सीएम ने किया सेवा का शुभारंभ

बिहार को मिली 350 एंबुलेंस और 50 नई सीएनजी बसों की सौगात, सीएम ने किया सेवा का शुभारंभ

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने शनिवार को संवाद से 350 नई एंबुलेंस और 50 नई सीएनजी बस (CNG Buses) सेवा का उदघाटन किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री रेणु देवी, परिवहन मंत्री शीला कुमारी, विकास आयुक्त आमिर सुबहानी, परिवहन विभाग के सचिव संजय अग्रवाल समेत कई लोग उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत एंबुलेंस सेवा शुरू होने से ग्रामीण इलाकों में लोगों को इसका लाभ मिलेगा। सीएनजी बसें राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद करेंगी।

दिसंबर तक 1000 एम्बुलेंस देने की योजना 

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में एम्बुलेंस सेवा के लिए पहले चरण में 350 लाभुकों का चयन किया गया है। अक्टूबर तक 800 एम्बुलेंस सेवा शुरू करने का लक्ष्य है, जबकि दिसंबर तक 1000 से अधिक लाभुकों को नई एम्बुलेंस के लिए 2 लाख तक अनुदान देने की योजना है।  बताया जाता है कि हर एंबुलेंस पर कुल चार कर्मी रहेंगे। वे सभी यूनीफार्म में रहेंगे। इनमें दो ड्राइवर होंगे। यह प्रखंडो में रहेगी। 


50 नई सीएनजी बसें राजधानी की विभिन्न रूट पर दौड़ेंगी

नई बसें गांधी मैदान से दानापुर बस स्टैंड, गांधी मैदान से दानापुर रेलवे स्टेशन, गांधी मैदान से बिहटा आईआइटी, गांधी मैदान से पटना साहिब स्टेशन और गांधी मैदान से दानापुर हांडी साहेब गुरुद्वारा के बीच चलेंगी। मालूम हो कि आरंभ में 20 बसों को सीएनजी में बदला गया था। कहा गया है कि मार्च 2022 तक पटना की सभी सीटी डीजल बसों को सीएनजी में बदल दिया जाएगा।  


सीएनजी बसों की यह होगी खासियत 

सभी सीएनजी बस जीपीएस, सीसीटीवी, पैनिक बटन आदि आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यात्रियों को मार्गों की जानकारी के चार डिस्प्ले बोर्ड भी लगाए गए हैं। बसों के अंदर मोबाइल चार्ज करने की भी व्यवस्था है। बस में चालक समेत कुल 32 सीटें हैं। जीपीएस से बस के वास्‍तविक स्‍थान का पता लगाना संभव होगा। आपातकालीन स्थिति में पैनिक बटन उपयोगी होगा। सभी बसों में तीन-तीन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।