बकरीद पर पुलिस की चुस्‍ती, संवेदनशील इलाकों में जवानों ने किया फ्लैग मार्च

बकरीद पर पुलिस की चुस्‍ती, संवेदनशील इलाकों में जवानों ने किया फ्लैग मार्च

बकरीद को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह चौकस है। सरकार के नियमों का पालन कराने के लिए बुधवार की सुबह से ही पुलिस के जवान सड़कों पर तैनात हैं। बकरीद को लेकर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के रामपुर थाना क्षेत्र से फ्लैग मार्च निकाला गया। इसमें रामपुर थाना अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह सहित अलग-अलग थाना अध्यक्ष भी फ्लैग मार्च की टोली में शामिल हुए।

गया पुलिस लाइन केंद्र से फ्लैग मार्च निकालकर शहर के गया कॉलेज, गांधी मैदान, राय काशीनाथ मोड़, समाहरणालय, जीबी रोड, नादरगंज, मुन्नी मस्जिद, माड़नपुर, बाईपास, मुफस्सिल थाना, वारिसनगर, सराय रोड आदि मार्गो से होते हुए पुलिस लाइन जाकर समाप्त हो गया। इसके पीछे पुलिस प्रशासन सोच है कि बकरीद को लेकर राज्य सरकार ने पहले ही गाइडलाइन जारी कर रखा है, क्योंकि अभी कोरोना  काल है।

कोऱोना काल में सार्वजनिक स्थान पर भीड़ नहीं लगाना है। ऐसी स्थिति में बकरीद की नमाज अपने अपने घरों में अदा करें। इसी सोच और शांति व्यवस्था कायम रखने को लेकर पुलिस प्रशासन की एक बड़ी टोली फ्लैग मार्च में शामिल हुई। जो शहर के प्रमुख संवेदनशील अतिसंवेदनशील मार्गो से गुजरा है। फ्लैग मार्च में सर्वाधिक संख्या में महिला पुलिस बल के जवान शामिल थी, जो शांति का पैगाम सड़कों पर दे रही थी।


बिहार को मिली 350 एंबुलेंस और 50 नई सीएनजी बसों की सौगात, सीएम ने किया सेवा का शुभारंभ

बिहार को मिली 350 एंबुलेंस और 50 नई सीएनजी बसों की सौगात, सीएम ने किया सेवा का शुभारंभ

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने शनिवार को संवाद से 350 नई एंबुलेंस और 50 नई सीएनजी बस (CNG Buses) सेवा का उदघाटन किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री रेणु देवी, परिवहन मंत्री शीला कुमारी, विकास आयुक्त आमिर सुबहानी, परिवहन विभाग के सचिव संजय अग्रवाल समेत कई लोग उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत एंबुलेंस सेवा शुरू होने से ग्रामीण इलाकों में लोगों को इसका लाभ मिलेगा। सीएनजी बसें राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद करेंगी।

दिसंबर तक 1000 एम्बुलेंस देने की योजना 

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में एम्बुलेंस सेवा के लिए पहले चरण में 350 लाभुकों का चयन किया गया है। अक्टूबर तक 800 एम्बुलेंस सेवा शुरू करने का लक्ष्य है, जबकि दिसंबर तक 1000 से अधिक लाभुकों को नई एम्बुलेंस के लिए 2 लाख तक अनुदान देने की योजना है।  बताया जाता है कि हर एंबुलेंस पर कुल चार कर्मी रहेंगे। वे सभी यूनीफार्म में रहेंगे। इनमें दो ड्राइवर होंगे। यह प्रखंडो में रहेगी। 


50 नई सीएनजी बसें राजधानी की विभिन्न रूट पर दौड़ेंगी

नई बसें गांधी मैदान से दानापुर बस स्टैंड, गांधी मैदान से दानापुर रेलवे स्टेशन, गांधी मैदान से बिहटा आईआइटी, गांधी मैदान से पटना साहिब स्टेशन और गांधी मैदान से दानापुर हांडी साहेब गुरुद्वारा के बीच चलेंगी। मालूम हो कि आरंभ में 20 बसों को सीएनजी में बदला गया था। कहा गया है कि मार्च 2022 तक पटना की सभी सीटी डीजल बसों को सीएनजी में बदल दिया जाएगा।  


सीएनजी बसों की यह होगी खासियत 

सभी सीएनजी बस जीपीएस, सीसीटीवी, पैनिक बटन आदि आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यात्रियों को मार्गों की जानकारी के चार डिस्प्ले बोर्ड भी लगाए गए हैं। बसों के अंदर मोबाइल चार्ज करने की भी व्यवस्था है। बस में चालक समेत कुल 32 सीटें हैं। जीपीएस से बस के वास्‍तविक स्‍थान का पता लगाना संभव होगा। आपातकालीन स्थिति में पैनिक बटन उपयोगी होगा। सभी बसों में तीन-तीन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।