नीतीश की नहीं रही JDU! अध्यक्ष पद को लेकर दो खेमों में बंटी पार्टी

नीतीश की नहीं रही JDU! अध्यक्ष पद को लेकर दो खेमों में बंटी पार्टी

JDU में क्या कुछ बड़ा होने वाला है? बिहार की पॉलिटिक्स में ये प्रश्न हर किसी के दिमाग में चल रहा है रविवार को हुई जेडीयू पदाधिकारियों की मीटिंग में सीएम नीतीश कुमार ने जो इशारा दिए, उसके बाद परिवर्तन की अटकलों को और हवा मिल गई है दरअसल, मीटिंग में सीएम नीतीश कुमार ने बोला कि उपेंद्र कुशवाह को जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है  

उधर, पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह भी 'एक व्यक्ति, एक पद' के सिद्धांत पर चलने की बात कहकर मुख्यमंत्री के वक्तवयों पर मुहर लगा दी आरसीपी सिंह ने बोला कि यदि पार्टी चाहेगी, तो राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी और को बना दूंगा जेडीयू में अध्यक्ष बदलने के इशारा के बाद पॉलिटिक्स भी चरम पर है

'दो खेमों में बंटी जनता दल यूनाइटेड'

आरजेडी का मानना है कि उपेंद्र कुशवाह को लाया ही इसलिए गया था जेडीयू कार्यकारिणी की मीटिंग के बाद पार्टी में गुटबाजी भी दिखने लगी है पार्टी के आधे लोग नीतीश खेमे में तो आधे लोग आरसीपी सिंह के खेमे में नजर आ रहे हैं आरजेडी के अनुसार पार्टी का भविष्य नहीं है

नीतीश की नहीं रही जेडीयू

कांग्रेस के मुताबिक, जेडीयू को नीतीश ने सींचा था, लेकिन जेडीयू अब इनकी नहीं रही कभी ऑफिसर को पार्टी अध्यक्ष बनाया जा रहा है, तो कभी दूसरी पार्टी से आए शख्स को जिम्मेदारी सौंपे जाने की बात की जा रही है

'पार्टी परिवार की प्राइवेट लिमिटेड नहीं'

जेडीयू ने विपक्षियों के हमले का उत्तर बड़ी शालीनता के साथ दिया है जेडीयू प्रतिनिधि नीरज कुमार ने बोला कि उनकी पार्टी परिवार की प्राइवेट लिमिटेड नहीं है पार्टी इन नॉमिनेशन पर चलती है एक संगठनात्मक ढांचा है, जो लोकतांत्रिक है बिहार में सामाजिक परिवर्तन की पटकथा जेडीयू ने लिखी है, जो लोकतांत्रिक ढंग से रखी गई है जो भी फैसला होता है, वो संगठन से होता है जेडीयू के ही माधव आनंद ने भी नीरज कुमार की बातों को आगे बढ़ाते हुए साफ कर दिया की पार्टी नेतृत्व जो निर्णय लेगा उसे सब स्वीकार करेंगे

जेडीयू का अंदरुनी मामला-बीजेपी

उधर जेडीयू की सहयोगी पार्टी भाजपा ने इसे जेडीयू का अंदरुनी केस बताया है भाजपा प्रतिनिधि निखिल आनंद ने बताया कि जेडीयू में परिवर्तन से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA गठबंधन बाखूबी कार्य कर रहा है


बिहार को मिली 350 एंबुलेंस और 50 नई सीएनजी बसों की सौगात, सीएम ने किया सेवा का शुभारंभ

बिहार को मिली 350 एंबुलेंस और 50 नई सीएनजी बसों की सौगात, सीएम ने किया सेवा का शुभारंभ

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने शनिवार को संवाद से 350 नई एंबुलेंस और 50 नई सीएनजी बस (CNG Buses) सेवा का उदघाटन किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री रेणु देवी, परिवहन मंत्री शीला कुमारी, विकास आयुक्त आमिर सुबहानी, परिवहन विभाग के सचिव संजय अग्रवाल समेत कई लोग उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत एंबुलेंस सेवा शुरू होने से ग्रामीण इलाकों में लोगों को इसका लाभ मिलेगा। सीएनजी बसें राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद करेंगी।

दिसंबर तक 1000 एम्बुलेंस देने की योजना 

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में एम्बुलेंस सेवा के लिए पहले चरण में 350 लाभुकों का चयन किया गया है। अक्टूबर तक 800 एम्बुलेंस सेवा शुरू करने का लक्ष्य है, जबकि दिसंबर तक 1000 से अधिक लाभुकों को नई एम्बुलेंस के लिए 2 लाख तक अनुदान देने की योजना है।  बताया जाता है कि हर एंबुलेंस पर कुल चार कर्मी रहेंगे। वे सभी यूनीफार्म में रहेंगे। इनमें दो ड्राइवर होंगे। यह प्रखंडो में रहेगी। 


50 नई सीएनजी बसें राजधानी की विभिन्न रूट पर दौड़ेंगी

नई बसें गांधी मैदान से दानापुर बस स्टैंड, गांधी मैदान से दानापुर रेलवे स्टेशन, गांधी मैदान से बिहटा आईआइटी, गांधी मैदान से पटना साहिब स्टेशन और गांधी मैदान से दानापुर हांडी साहेब गुरुद्वारा के बीच चलेंगी। मालूम हो कि आरंभ में 20 बसों को सीएनजी में बदला गया था। कहा गया है कि मार्च 2022 तक पटना की सभी सीटी डीजल बसों को सीएनजी में बदल दिया जाएगा।  


सीएनजी बसों की यह होगी खासियत 

सभी सीएनजी बस जीपीएस, सीसीटीवी, पैनिक बटन आदि आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यात्रियों को मार्गों की जानकारी के चार डिस्प्ले बोर्ड भी लगाए गए हैं। बसों के अंदर मोबाइल चार्ज करने की भी व्यवस्था है। बस में चालक समेत कुल 32 सीटें हैं। जीपीएस से बस के वास्‍तविक स्‍थान का पता लगाना संभव होगा। आपातकालीन स्थिति में पैनिक बटन उपयोगी होगा। सभी बसों में तीन-तीन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।